कत्ल के पहले शूटर गिरफ्तार, पुणे पुलिस ने सुपारी किलिंग की घटना को अंजाम तक पहुंचने से पहले रोका

Supari Killing Foiled Pune: पुणे क्राइम ब्रांच ने एक शार्प शूटर को गिरफ्तार कर सुपारी किलिंग की साजिश को नाकाम किया। पुरानी रंजिश में होनी थी हत्या। हथियार बरामद।
Sharp Shooter Arrested In Pune
Sharp Shooter Arrested In Pune (फोटो क्रेडिट-X)
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Sharp Shooter Arrested In Pune: पुणे पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने एक सनसनीखेज 'सुपारी किलिंग' की साजिश को नाकाम करते हुए शहर में होने वाले संभावित रक्तपात को टाल दिया है। एंटी-एक्सटॉर्शन स्क्वाड ने एक शातिर शार्प शूटर को उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह अपने शिकार को मौत के घाट उतारने की फिराक में था। पकड़े गए शूटर के पास से पुलिस ने एक देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह पूरी साजिश अक्टूबर 2024 में हुए एक पुराने हमले का बदला लेने और इलाके में अपना दबदबा कायम रखने के लिए रची गई थी।

पुणे पुलिस ने इस मामले में न केवल शूटर चेतन उर्फ बलिया सिद्धनाथ जाधव को दबोचा है, बल्कि हत्या की साजिश रचने के आरोप में सिंधु धोत्रे उर्फ अक्का और गणेश रेनुसे सहित कई अन्य लोगों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। पुलिस की इस तत्परता ने साबित कर दिया है कि समय रहते मिली खुफिया जानकारी किसी बड़ी अनहोनी को टालने में कितनी कारगर साबित हो सकती है।

गैंगवार और अवैध संबंधों की खौफनाक पृष्ठभूमि

सुपारी किलिंग की साजिश के पीछे पुरानी दुश्मनी और व्यक्तिगत रंजिश का एक जटिल जाल बुना गया था। पुलिस जांच के अनुसार, संतोष उर्फ भावद्य सालुंखे पर अक्टूबर 2024 में जानलेवा हमला हुआ था, जिसके आरोपी गणेश रेनुसे और उसके साथी थे। गणेश रेनुसे फिलहाल जमानत पर बाहर है। रेनुसे के परिवार को डर था कि संतोष सालुंखे जेल से बाहर आने के बाद बदला ले सकता है। इसके अलावा, संतोष सालुंखे के एक आरोपी के परिवार की महिला के साथ सात साल से चल रहे अवैध संबंधों ने भी इस आग में घी डालने का काम किया। इन्ही कारणों से गणेश के परिजनों ने संतोष को रास्ते से हटाने के लिए पिस्तौल खरीदी और शूटर को सुपारी दी।

शार्प शूटर की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी

एंटी-एक्सटॉर्शन स्क्वाड के उपनिरीक्षक रामेश्वर परवे और उनकी टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दांडेकर पुल इलाके में एक हथियारबंद अपराधी किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए घूम रहा है। पुलिस ने मंगीरबाबा चौक पर घेराबंदी कर चेतन जाधव को धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से 35,400 रुपये कीमत की एक अवैध पिस्तौल और मैगजीन में भरे दो जिंदा कारतूस मिले। पूछताछ में चेतन ने कबूल किया कि उसे संतोष सालुंखे की हत्या का काम सौंपा गया था और काम पूरा होने के बाद उसे मोटी रकम देने का वादा किया गया था।

आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास और पुलिस की कार्रवाई

गिरफ्तार शूटर चेतन जाधव पहले से ही हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में नामजद है। साजिश में शामिल अन्य आरोपियों का रिकॉर्ड भी काफी डरावना है; बापू कांबले नामक आरोपी पहले से ही हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है और फिलहाल अपील पर बाहर है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने एक अपराधी की मदद से पूरी प्लानिंग की थी ताकि संतोष सालुंखे को खत्म कर अपना वर्चस्व दोबारा कायम किया जा सके। यह सफल ऑपरेशन अतिरिक्त पुलिस आयुक्त पंकज देशमुख और पुलिस उपायुक्त निखिल पिंगले के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

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