‘रिक्शा में डिलीवरी’, सड़क पर गुंजी नवजात की किलकारी, जाम में फंसी महिला ने बच्चे को दिया जन्म
Rickshaw Childbirth Nashik: नासिक के मनमाड में भारी ट्रैफिक जाम के बीच एक महिला ने रिक्शा में बच्चे को जन्म दिया। रिक्शा चालक और स्थानीय लोगों की मदद से मां-बच्चा सुरक्षित हैं।
- Written By: अनिल सिंह
Rickshaw Childbirth Nashik (फोटो क्रेडिट-X)
Manmad Highway Delivery News: महाराष्ट्र के नासिक जिले के मनमाड शहर में इंदौर-पुणे नेशनल हाईवे पर आज एक ऐसी घटना घटी, जिसने भारी ट्रैफिक जाम के तनाव के बीच मानवता की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की। सोलापुर से गन्ना काटकर अपने घर नंदुरबार लौट रहे एक परिवार के लिए नेशनल हाईवे काल बन सकता था, लेकिन स्थानीय लोगों की तत्परता और एक रिक्शा चालक की सूझबूझ से सड़क पर ही एक नई जिंदगी ने दस्तक दी। भारी ट्रैफिक के कारण जब एम्बुलेंस का पहुँचना असंभव लग रहा था, तब एक ऑटो रिक्शा ही ‘लेबर रूम’ बन गया और महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
यह परिवार सोलापुर में अपना काम खत्म कर केलीपनी गांव (नंदुरबार) की ओर जा रहा था। जैसे ही उनकी गाड़ी मनमाड के पास पहुंची, नेशनल हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारों के बीच गर्भवती महिला को तीव्र प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। अस्पताल अभी दूर था और ट्रैफिक रेंग रहा था। परिवार की बेबसी को देखकर वहां मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े। इसी दौरान अमजद अत्तर नामक रिक्शा चालक और सामाजिक कार्यकर्ता रितेश पगारे ने जो किया, उसकी अब पूरे शहर में सराहना हो रही है।
ट्रैफिक जाम बना चुनौती, रिक्शा चालक बना देवदूत
जैसे ही महिला की स्थिति बिगड़ी, रिक्शा चालक अमजद अत्तर ने तुरंत अपनी गाड़ी को एम्बुलेंस में तब्दील कर दिया। सामाजिक कार्यकर्ता रितेश पगारे ने अपनी मोटरसाइकिल का उपयोग करते हुए ‘पायलट’ की तरह ट्रैफिक को चीरकर रास्ता बनाना शुरू किया। हालांकि, अस्पताल पहुँचने से पहले ही महिला का दर्द चरम पर पहुँच गया। सड़क के किनारे ही रिक्शा में सुरक्षित प्रसव हुआ और नवजात की पहली किलकारी गूंज उठी। वहां मौजूद लोगों ने तुरंत चादरों और कपड़ों से पर्दा कर महिला की निजता का ध्यान रखा और प्रसव में सहायता की।
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अस्पताल में मां और बच्चा दोनों सुरक्षित
प्रसव के तुरंत बाद, बिना समय गंवाए रिक्शा को मनमाड के उप-जिला अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सों ने तुरंत मोर्चा संभाला और मां व नवजात शिशु को भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों ने पुष्टि की है कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं। अस्पताल के कर्मचारियों ने भी उन स्थानीय युवाओं और रिक्शा चालक की तारीफ की, जिन्होंने समय रहते सही फैसला लिया। यदि महिला को सड़क पर समय पर मदद न मिलती, तो अत्यधिक रक्तस्राव या संक्रमण के कारण स्थिति जानलेवा हो सकती थी।
हाईवे पर जाम की समस्या और मानवता का संदेश
इंदौर-पुणे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक जाम एक पुरानी और गंभीर समस्या है, लेकिन आज इस जाम के बीच से मानवता की खुशबू आई। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संकट के समय यदि कुछ हाथ निस्वार्थ भाव से आगे आएं, तो बड़ी से बड़ी बाधा को पार किया जा सकता है। मनमाड के नागरिकों ने इस घटना को ‘चमत्कार’ बताते हुए रिक्शा चालक अमजद अत्तर का आभार व्यक्त किया है। फिलहाल परिवार अस्पताल में है और नंदुरबार जाने से पहले मनमाड के लोगों की इस दरियादिली को हमेशा याद रखने की बात कह रहा है।
