अब बिल्डरों की मनमानी नहीं चलेगी, महारेरा ने 10 महीनों में 5,267 शिकायतों का किया निपटारा

कई बार लोग अपने सपने के घर को खरीदने के लिए अपनी पूरी जीवन की पूंजी लगा देते हैं। लेकिन पजेशन में हासिल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
कई बार लोग अपने सपने के घर को खरीदने के लिए अपनी पूरी जीवन की पूंजी लगा देते हैं। लेकिन पजेशन में हासिल करने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी को लेकर महारेरा ने 5,267 शिकायतों पर सुनवाई की है।
महारेरा (सौ. सोशल मीडिया )
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Pune News In Hindi: आम आदमी अपनी जीवन भर की जमा-पूंजी लगाकर घर खरीदता है। लेकिन, कई बार तय समय पर घर का कब्जा (पजेशन) नहीं मिलता, निर्माण की गुणवत्ता उम्मीद के मुताबिक नहीं होती, या फिर समझौते में बताई गई सुविधाएं नहीं मिलतीं।

ऐसी परिस्थितियों में खरीदारों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं से जूझ रहे हजारों घर खरीदारों को महाराष्ट्र रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी यानी महारेरा ने बड़ी राहत दी है।

2 साल में 3,743 नई शिकायतें दर्ज

महारेरा के अध्यक्ष मनोज सैनिक, सदस्य महेश पाठक और सदस्य रविंद्र देशपांडे ने शिकायतों की सुनवाई तेजी से करने का फ़ैसला लिया। उनके इस प्रयास के चलते पिछले कई महीनों से लंबित पड़ी शिकायतों का तेजी से निपटारा हुआ।

अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच कुल 5,267 शिकायतों पर फ़ैसला सुनाया गया। इस दौरान 3,743 नई शिकायतें दर्ज हुईं और ज्यादातर मामलों में एक से दो महीने के भीतर सुनवाई शुरू हो गई। यह पहली बार है जब इतनी तेजी से घर खरीदारों की शिकायतों पर सुनवाई हो रही है। महारेरा अब यह कोशिश कर रहा है कि भविष्य में खरीदारों को शिकायतें दर्ज ही न करनी पड़ें। इसके लिए प्रोजेक्ट पंजीकरण की प्रक्रिया को और कड़ा किया गया है। प्रोजेक्ट की वैधता, वित्तीय स्थिति और तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए तीन स्वतंत्र समितियां बनाई गई हैं। सभी मानकों को पूरा किए बिना किसी भी प्रोजेक्ट को महारेरा का पंजीकरण नंबर नहीं दिया जाता। इस कदम का उद्देश्य है कि खरीदारों का निवेश सुरक्षित रहे और भविष्य में विवाद व शिकायतें कम से कम हों।

79% मामले पहले के हैं

महारेरा में दर्ज शिकायतों में से 79% मामले महारेरा की स्थापना से पहले शुरू हुए प्रोजेक्ट्स से जुड़े हैं। जबकि 21% मामले बाद के प्रोजेक्ट्स के है। वर्तमान में राज्य में कुल 51,481 प्रोजेक्ट्स पंजीकृत हैं, जिनमें से 5,792 प्रोजेक्ट्स पर शिकायतें आई है।

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