
वोटर लिस्ट ( सोर्स: सोशल मीडिया)
Pune Voter List Correction Drive: पूरे महाराष्ट्र से लगातार मिल रही मतदाता ‘हेरफेर’ की शिकायतों पर आखिरकार राज्य चुनाव आयोग ने गंभीरता से संज्ञान लिया है। चुनाव आयोग ने महानगरपालिकाओं को मतदाता सूची की त्रुटियों को तुरंत ठीक करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
चुनाव आयोग के आदेश के बाद पुणे महानगरपालिका ने भी एक बड़ा निर्णय लेते हुए सभी प्रकार की शिकायतों को स्वीकार करना शुरू कर दिया है। इससे पहले जो केवल सीमित प्रकार की आपत्तियों को स्वीकार करने की बाध्यता थी वह समाप्त हो गई है। इससे मतदाताओं के बीच भ्रम कुछ हद तक कम होने की संभावना है। साथ ही, अब स्वास्थ्य निरीक्षकों के जरिए सेटिंग करने वालों पर भी लगाम लगेगी।
महानगरपालिकाओं को मिली ऐसी शिकायतों पर 24 घंटों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करना अनिवार्य कर दिया गया है। आपत्तियों का तेजी से निवारण हो सके इसके लिए 15 क्षेत्रीय कार्यालयों में लगभग 200 कर्मचारियों को नियुक्त की गई है। अतिरिक्त आयुक्त ओमप्रकाश दिवटे ने जानकारी दी है कि इन कर्मचारियों ने अब तक दर्ज की गई शिकायतों में से 80 प्रतिशत का निपटारा कर दिया है।
एक वार्ड के मतदाता को दूसरे वार्ड में दर्ज कर दिया गया है और कुछ स्थानी पर चुनाव विभाग की लापरवाही के कारण नाम पूरी तरह से हटा दिए गए है। इस वास्तविकता का संज्ञान लेते हुए आयोग ने आदेश दिया है कि आयुक्त्त स्वयं पहल करके त्रुटियों को ठीक करें।
पुणे महानगरपालिका के चुनाव विभाग ने आगामी मनपा चुनावों के लिए प्रारूप मतदाता सूची जारी की थी। लेकिन इन सूचियों पर इच्छुक उम्मीदवारों के साथ-साथ नागरिकों ने भी बड़े पैमाने पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
कई सोसाइटियाें और वार्डों में एक ही घर के सदस्यों के नाम विभिन्न वार्डों में दर्ज होने की शिकायतें सामने आईं कुछ स्थानों पर यह भी पाया गया कि मृत लोगों के नाम अभी भी सूची में कायम हैं। पहले, केवल नाम न होना, गलत वार्ड में जाना या पते के भ्रम से संबंधित सीमित आपत्तियां स्वीकार की जाती थी जिससे इच्छुक उम्मीदवारों की मुश्किलें बढ़ रही थीं।
आयोग के नए आदेश के अनुसार अब महानगरपालिका अधिक व्यापक स्तर पर आपत्तियों और सुझावों को स्वीकार करेगी। लेखन संबंधी त्रुटियां, गलत वार्ड आवंटन, विधानसभा मतदाता सूची में नाम होने पर भी मनपा मतदाता सूची में नाम न होना, मृत लोगों के नामों से संबंधित सुधार जैसी सभी शिकायतों पर विचार किया जाएगा। इस प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए मनपा ने विशेष टीमें तैयार की है।
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आयोग द्वारा आपत्ति दर्ज कराने की समय सीमा बढ़ाए जाने के कारण नागरिकों के पास 3 दिसंबर तक आपत्तियां दाखिल करने का अवसर है। मनपा चुनाव विभाग ने नागरिकों से उचित दस्तावेजों के साथ तुरंत आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की है।
प्रशासन का कहना है कि आगामी चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और मतदाता सूची की त्रुटियों को कम करने के लिए यह निर्णय बड़ा और आवश्यक है। नागरिकों के सहयोग से मतदाता सूची अधिक सटीक और समावेशी बनने में मदद मिलेगी।






