Pune Gas Leak: कोंढवा में क्लोरीन गैस के रिसाव से 24 लोग बीमार, ससून अस्पताल में इलाज जारी
Pune Gas Leak News: पुणे के कोंढवा में क्लोरीन गैस रिसाव से 24 लोग बीमार। ससून अस्पताल में भर्ती, सभी खतरे से बाहर। दमकल ने रिसाव पर पाया काबू।
- Written By: अनिल सिंह
पुणे क्लोरीन गैस का रिसाव; 22 निवासी और 2 दमकलकर्मी अस्पताल में भर्ती (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
Pune Chlorine Gas Leak: पुणे के कोंढवा स्थित गंगाधाम इलाके में गुरुवार तड़के एक बड़ी दुर्घटना सामने आई, जहाँ एक बंद पड़े जल शोधन संयंत्र (वॉटर प्यूरिफिकेशन प्लांट) से क्लोरीन गैस का रिसाव होने लगा। यह रिसाव रात करीब 1 बजे उस समय शुरू हुआ जब अधिकांश निवासी सो रहे थे। गैस के हवा में फैलते ही आसपास के लोगों ने सांस लेने में गंभीर तकलीफ और घुटन की शिकायत शुरू कर दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुँचीं और बचाव कार्य शुरू किया।
दमकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रिसाव एक परित्यक्त क्लोरीन टैंक से हो रहा था जो संयंत्र के गोदाम में रखा हुआ था। सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करते हुए दमकलकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद टैंक की मरम्मत की और रिसाव को रोका। इस दौरान एहतियात के तौर पर कई नागरिकों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
दमकलकर्मी भी हुए प्रभावित
बचाव अभियान के दौरान न केवल स्थानीय निवासी, बल्कि राहत कार्य में जुटे दो दमकलकर्मी भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। कुल मिलाकर 24 लोगों को तुरंत चिकित्सा सहायता के लिए ससून जनरल अस्पताल ले जाया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि सभी प्रभावित व्यक्ति वर्तमान में स्थिर हैं और उन्हें ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
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लापरवाही आई सामने
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस संयंत्र का संचालन करने वाले व्यक्ति ने यूनिट को पहले ही ‘डिसमेंटल’ (हटा) दिया था, लेकिन क्लोरीन से भरा एक टैंक गलती से गोदाम में ही छूट गया था। इसी टैंक में तकनीकी खराबी या जर्जर होने के कारण रिसाव शुरू हुआ। इस चूक ने एक बड़ी आबादी की सुरक्षा को खतरे में डाल दिया, जिसकी अब जाँच की जा रही है।
- प्रभावित: गैस के कारण सांस लेने में दिक्कत होने पर 22 नागरिकों और बचाव कार्य में जुटे 2 दमकलकर्मियों को अस्पताल ले जाया गया।
- वर्तमान स्थिति: सभी प्रभावित व्यक्ति खतरे से बाहर हैं और ससून जनरल अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में है।
प्रशासनिक सतर्कता
घटना के बाद दमकल और पुलिस प्रशासन ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी ताकि गैस का प्रभाव और न फैले। फिलहाल रिसाव को पूरी तरह बंद कर दिया गया है और हवा में गैस की मात्रा की जाँच की जा रही है। प्रशासन ने निवासियों को घबराने की जरूरत नहीं होने का आश्वासन दिया है।
