संभाजीनगर मनपा में विभागों का मेगा फेरबदल, अधिकारियों पर बढ़ा अतिरिक्त बोझ, चेक पर दस्तखत के अधिकार भी बदले
Sambhajinagar Municipal Corporation Major Reshuffle: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है। आयुक्त अमोल येडगे ने कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां बदली हैं।
- Written By: गोरक्ष पोफली
छत्रपती संभाजीनगर मनपा (सोर्स: सोशल मीडिया)
Chhatrapati Sambhajinagar Municipal Corporation: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका प्रशासन में लंबे समय बाद बड़े स्तर पर विभागीय फेरबदल किया गया है। आयुक्त अमोल येडगे ने सोमवार देर रात आदेश जारी कर नगररचना, संपत्ति, बीओटी, गुंठेवारी, उद्यान, अग्निशमन सहित कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारियां बदल दीं।
हालांकि इस फेरबदल को लेकर मनपा मुख्यालय में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई अधिकारियों से विभाग वापस लेकर पहले से कार्यरत अधिकारियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां डालने को लेकर इसे केवल खाते बदलने की कवायद माना जा रहा है।
प्रशासनिक हलकों में यह भी चर्चा है कि जिन अधिकारियों के पास पहले से कई महत्वपूर्ण विभाग हैं, उन्हीं पर और अधिक जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। इससे कामकाज प्रभावित होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
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नगररचना विभाग फिर संजय चामले के पास
आदेश के अनुसार नगर रचना विभाग का प्रभार एक बार फिर उप अभियंता संजय चामले को सौंपा गया है। वहीं उपायुक्त अपर्णा थेटे से संपत्ति तथा बीओटी विभाग वापस लेकर उनकी जिम्मेदारी विकास नवाले को सौंपी गई है। इसके अलावा महानगरपालिका के चेक पर हस्ताक्षर करने का अधिकार अब उपायुक्त अभय प्रामाणिक को सौंपा गया है, जबकि नंदकिशोर भोंबे को इस जिम्मेदारी से मुक्त कर दिया गया है।
प्रतिनियुक्ति और पदोन्नत अधिकारियों के बीच फिर बढ़ी चर्चा
महानगरपालिका में प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों और पदोन्नति प्राप्त अधिकारियों के बीच महत्वपूर्ण विभागों के बंटवारे को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है। मनपा के कई अधिकारियों का मानना है कि प्रमुख विभागों की जिम्मेदारी लगातार प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारियों को दी जाती है, जबकि अनुभवी अधिकारियों को निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा जाता है। नए आदेश के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा का विषय बन गया है।
नवाले को सौंपी राजस्व से जुडे विभागों की बड़ी जिम्मेदारी
विभागीय फेरबदल में सबसे अधिक चर्चा विकास नवाले को लेकर हो रही है। उन्हें संपत्ति और बीओटी जैसे राजस्व से जुड़े दो महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। दूसरी ओर अपर्णा थेटे के पास चुनाव एवं जनगणना, विधि, समाज विकास, पुस्तकालय, एनयूएलएम, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, जनसंपर्क, केंद्रीय भंडार तथा प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे विभाग यथावत रखे गए हैं।
गुंठेवारी प्रकोष्ठ का गठन, दो अधिकारियों को अलग-अलग क्षेत्र की जिम्मेदारी
महानगरपालिका ने गुंठेवारी के लिए अलग प्रकोष्ठ का गठन किया है। इसकी शाखा प्रमुख की जिम्मेदारी बलीराम बोंबले और अक्षय देशमुख को सौंपी गई है। जोन-1 से जोन-5 तक का कार्य नगर रचनाकार कौस्तुभ भावे संभालेंगे, जबकि जोन-6 से जोन-10 तक की जिम्मेदारी प्रभारी उप अभियंता संजय चामले के पास रहेगी।
पूजा भोगे को तीन अहम विभागों का अतिरिक्त प्रभार
प्रभारी उप अभियंता पूजा भोगे को भवन विभाग के साथ-साथ संपत्ति और बीओटी विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। इससे अब उनके पास एक साथ तीन महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रहेगी, जिसे लेकर प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
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अब अभय प्रामाणिक करेंगे धनादेशों पर हस्ताक्षर
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका के विकास कार्यों और विभिन्न भुगतान से जुड़े धनादेशों पर हस्ताक्षर करने का अधिकार अब उपायुक्त अभय प्रामाणिक को दिया गया है। वे मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी के साथ मिलकर इस वित्तीय प्रक्रिया का संचालन करेंगे।
36 मीटर से ऊंची इमारतों की फाइल जाएगी आयुक्त के पास
अग्निशमन विभाग को 36 मीटर तक ऊंची इमारतों के लिए अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार पहले की तरह रहेगा। लेकिन 36 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली इमारतों के प्रस्तावों को अंतिम स्वीकृति से पहले आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य किया गया है।
फेरबदल पर उठने लगे सवाल
महानगरपालिका में हुए इस व्यापक फेरबदल के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े होने लगे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि विभागों का संतुलित वितरण नहीं हुआ तो कुछ अधिकारियों पर अत्यधिक कार्यभार बढ़ेगा, जबकि अन्य विभाग अपेक्षाकृत हल्के रहेंगे। आने वाले दिनों में इस फेरबदल का प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर क्या असर पड़ता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट
