
तारों के बीच फंसा तेंदुआ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Leopard Stuck Wire Fence: महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक रोंगटे खड़े कर देने वाला वाकया सामने आया है। यहां बोर्डी-घोलवड क्षेत्र में एक तेंदुआ तारों की बाड़ में उलझ गया। घंटों चली इस जद्दोजहद के बीच प्रशासन की अनुपस्थिति ने स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पालघर का बोर्डी-घोलवड इलाका उस वक्त दहल गया जब स्थानीय लोगों ने एक तेंदुए को तारों की बाड़ के बीच छटपटाते देखा। तेंदुआ खुद को छुड़ाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा था। यह मंजर देख आसपास के गांवों से सैकड़ों की भीड़ वहां जमा हो गई। लगभग एक घंटे तक तेंदुआ मौत और जिंदगी के बीच झूलता रहा, जिसे देख लोगों में हड़कंप मच गया।
हैरानी की बात यह रही कि करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद, तेंदुआ किसी तरह खुद ही उन तारों के चंगुल से निकलने में सफल रहा। राहत की बात यह रही कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार, तेंदुआ सुरक्षित था और उसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। हालांकि, इस घटना के बाद से इलाके में डर और तनाव का माहौल है।
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इस पूरी घटना ने वन विभाग की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद एक घंटे तक वन विभाग की कोई टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों का कहना है कि प्रशासन वन्यजीवों और नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है।
पिछले कुछ महीनों से बोर्डी और आसपास के क्षेत्रों में तेंदुए की आवाजाही काफी बढ़ गई है। आए दिन रिहायशी इलाकों और खेतों में तेंदुए देखे जा रहे हैं, जिससे बच्चों और महिलाओं का घर से निकलना दूभर हो गया है। स्थानीय निवासी मांग कर रहे हैं कि प्रशासन केवल ‘जागरूकता’ के नाम पर खानापूर्ति न करे, बल्कि ऐसी आपात स्थितियों के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) की तैनाती सुनिश्चित करे।






