MHADA Virar Home Sales (फोटो क्रेडिट-X)
Konkan Board MHADA Revenue: मुंबई के विरार इलाके में म्हाडा के घरों के प्रति ग्राहकों का नजरिया अब पूरी तरह बदल गया है। कभी ‘भूतिया बस्ती’ कहे जाने वाले विरार बोलिंज प्रोजेक्ट में अब घर खरीदने वालों की लंबी कतारें लग रही हैं। कोकण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 152 दिनों में विरार में रिकॉर्ड 3,750 घरों की बिक्री हुई है। यानी रोजाना औसतन 25 घर बिक रहे हैं। साल 2014 में म्हाडा ने यहां 9,409 किफायती घर तैयार किए थे, लेकिन सुविधाओं की कमी और पानी की भारी किल्लत के कारण लोग यहां आने से कतरा रहे थे।
घरों की बिक्री में आई इस अचानक तेजी के पीछे मुख्य कारण सूर्या जलापूर्ति परियोजना का सफल होना है। सूर्या नदी का पानी विरार पहुंचने से इस क्षेत्र की बरसों पुरानी पानी की समस्या खत्म हो गई है। इसके अलावा, म्हाडा उपाध्यक्ष संजीव जयस्वाल की ‘पहले आओ, पहले पाओ‘ योजना और घरों की कीमतों में दी गई छूट ने ग्राहकों को आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाई है। वर्तमान में 9,409 घरों में से 7,783 घर बिक चुके हैं, जिनमें से लगभग आधे पिछले पांच महीनों में ही बिके हैं।
विरार के साथ-साथ कोकण बोर्ड की अन्य परियोजनाओं जैसे भांडाली और घोटेघर में भी मांग बढ़ी है। भांडाली में निर्मित 1,769 घरों में से अब केवल 8 घर शेष बचे हैं, जबकि घोटेघर में भी 1,659 घरों में से 96% घर बिक चुके हैं। म्हाडा के अनुसार, ये घर केवल आवास नहीं बल्कि बेहतर सुविधाओं के साथ आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बन रहे हैं।
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विरार रियल एस्टेट की चमक बढ़ने की एक बड़ी वजह एमएमआर (MMR) क्षेत्र में चल रहे मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स हैं। निम्नलिखित परियोजनाएं विरार को मुंबई के केंद्र से जोड़ेंगी:
कोकण बोर्ड के मुख्य अधिकारी डॉ. विशाल राठौड़ ने बताया कि अगले एक से दो महीनों के भीतर बचे हुए सभी घरों को बेचने का लक्ष्य रखा गया है। इन घरों की बिक्री से म्हाडा को करीब 1,000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होगा। इस धन का उपयोग म्हाडा की अन्य रुकी हुई या नई परियोजनाओं को गति देने के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे कनेक्टिविटी बढ़ेगी, विरार आने वाले समय में मुंबई का एक प्रमुख आवासीय हब बनकर उभरेगा।