गैस KYC के नाम पर ठगी का नया जाल, APK लिंक से मिनटों में खाली हो रहे खाते
Gas KYC Scam APK Fraud Palghar: नालासोपारा में गैस KYC अपडेट के नाम पर साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है, जहां फर्जी लिंक और APK फाइल के जरिए लोगों के बैंक खाते खाली किए जा रहे हैं।
- Written By: अपूर्वा नायक
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nalasopara APK Link Cyber Fraud: नालासोपारा में इन दिनों गैस सिलेंडर की किल्लत और केवाईसी अपडेट के नाम पर साइबर ठगी का नया ट्रेंड सामने आया है। अपराधी लोगों की जरूरत और डर का फायदा उठाकर उन्हें फर्जी मैसेज और लिंक भेज रहे हैं।
शहर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति अनिश्चित बनी हुई है, जिससे लोगों को बुकिंग के बाद भी 40-45 दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। इसी परेशानी का फायदा उठाकर ठग ग्राहकों को ‘कनेक्शन कटने’ या ‘सब्सिडी बंद होने’ का डर दिखाते हैं।
APK फाइल से मोबाइल हैक
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधी अब मैसेज के जरिए APK फाइल भेज रहे हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल का नियंत्रण हैकर्स के हाथ में चला जाता है। इसके जरिए वे ओटीपी, पासवर्ड और बैंकिंग जानकारी चुरा लेते हैं।
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अन्य तरीकों से भी ठगी
ठग केवल गैस KYC तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आरटीओ चालान, बिजली बिल और आधार अपडेट के नाम पर भी लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करते ही खाते से पैसे गायब हो जाते हैं।
क्या करें और क्या न करें
विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि गैस बुकिंग के लिए केवल आधिकारिक ऐप, वेबसाइट या रजिस्टर्ड एजेंसी का ही उपयोग करें। किसी भी अनजान कॉल या मैसेज पर ओटीपी, एटीएम पिन, सीवीवी या पासवर्ड साझा न करें।
सतर्कता ही बचाव
यदि किसी मैसेज के अंत में ‘APK’ लिखा हो, तो उसे तुरंत डिलीट कर दें। यह साइबर ठगी का संकेत हो सकता है।
अधिकारियों की चेतावनी
आपूर्ति निरीक्षक भागवत सोनार ने स्पष्ट किया है कि गैस KYC के लिए विभाग की ओर से कोई लिंक नहीं भेजा जाता। नागरिकों को केवल अधिकृत एजेंसियों से ही संपर्क करना चाहिए।
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तुरंत करें शिकायत
अगर कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे बिना देर किए पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए। समय पर कार्रवाई से नुकसान को कम किया जा सकता है।
