मानसून से पहले BMC का डिजिटल प्लान, जीयो-फेंसिंग से होगी गाद निपटान की ट्रैकिंग

मुंबई में मानसून पूर्व तैयारियों के तहत BMC ने नाला सफाई कार्य की निगरानी के लिए GPS, जियो-फेंसिंग और AI आधारित डिजिटल सिस्टम लागू किया है, जिससे ठेकेदारों की अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
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मुंबई BMC AI डिसिल्टिंग प्रोजेक्ट (सौ. सोशल मीडिया )
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BMC Monsoon Preparation AI Tracking: मानसून पूर्व तैयारियों के तहत मनपा प्रशासन ने वार्षिक नाला सफाई कार्य पर कड़ी निगरानी रखने और ठेकेदारों की अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए एक डिजिटल प्रणाली शुरू की है।

इसके तहत ठेकेदारों के डंपरों पर जीपीएस ट्रैकर्स लगाए जाएंगे, ताकि मुंबई के 911 किलोमीटर लंबे वर्षा जल निकासी नालों से गाद निकालने से लेकर उसके अंतिम निपटान तक पूरी प्रक्रिया पर डिजिटल तरीके से नजर रखी जा सके।

BMC आयुक्त ने दी जानकारी

यह जानकारी अतिरिक्त BMC आयुक्त अभिजीत बांगर ने दी। इस प्रक्रिया के तहत मनपा यह सुनिश्चित करने के लिए 'जियो-फेंसिंग' तकनीक का उपयोग कर रही है ताकि गाद का निपटान केवल निर्धारित स्थानों पर ही किया जाए।

मीठी नदी से गाद निकालने का काम किया गया है शुरू

जियो-फेंसिंग, जीपीएस तकनीक के माध्यम से किसी क्षेत्र के चारों ओर एक आभासी सीमा बनाती है, जिससे डंपर के उस क्षेत्र में प्रवेश या बाहर निकलने पर तुरंत अलर्ट मिल सके। जगह की कमी का हवाला देते हुए, ठोस कचरा प्रबंधन विभाग ने मुंबई के डंपिंग यार्ड में गाद डालने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। मुंबई में कुल 911 किलोमीटर लंबा नालों का जाल है, जिसमें 274 किलोमीटर बड़े और 637 किलोमीटर छोटे नाले शामिल हैं। डैशबोर्ड के अनुसार अब तक 98,502.36 टन गाद निकाली जा चुकी है, जबकि लक्ष्य 8,41,799.07 टन का है, जो कुल लक्ष्य का 14 प्रतिशत है। अब तक 13 प्रतिशत बड़े और 14 प्रतिशत छोटे नाले पूरी तरह साफ किए जा चुके हैं। 18 किलोमीटर लंबी मीठी नदी में गाद निकालने का काम हाल ही में शुरू हुआ है, जिसमें अब तक केवल 1 प्रतिशत लक्ष्य हासिल हुआ है।

AI का किया जा रहा उपयोग

ठेकेदारों की लापरवाही के कारण कार्य की गति धीमी होने की बात भी बांगर ने स्वीकार की। मनपा अब नालों की सफाई की निगरानी के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का भी उपयोग कर रही है। ठेकेदारों को अब काम की पुष्टि के लिए फोटो के बजाय डैशबोर्ड पर वीडियो अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर भुगतान रोक दिया जाएगा और लापरवाही की स्थिति में उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

बाढ़ संभावित क्षेत्र

मनपा ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में 547 पानी निकालने वाले पंप तैनात किए हैं। साकी नाका मेट्रो स्टेशन और अंधेरी सबवे को सबसे संवेदनशील क्षेत्र बताया गया है। नाला सफाई कार्य की निगरानी के लिए मनपा और रेलवे अधिकारियों ने बांद्रा पूर्व में संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि बारिश से पहले नालों की पूरी सफाई सुनिश्चित करना आवश्यक है, ताकि जलभराव की स्थिति से बचा जा सके।

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