नागपुर ग्रामीण में बड़ा निवेश घोटाला, 528 निवेशकों के 65 लाख लेकर फरार हुए निधि कंपनी संचालक
Nagpur Nidhi Company Scam: कलमेश्वर, सावनेर और काटोल के 528 निवेशकों से 65.83 लाख रुपये लेकर निधि कंपनी संचालकों के फरार होने का मामला सामने आया। पुलिस में शिकायत दर्ज हुई।
- Written By: अंकिता पटेल
निवेश ठगी, निधि कंपनी घोटाला, (सोर्स: सौजन्य AI)
Nagpur Kalmeshwar Investment Fraud: कलमेश्वर सावनेर और काटोल तहसील के कुल 528 निवेशकों से लगभग 65 लाख 83 हजार 581 रुपये की बचत राशि लेकर विदर्भ अर्बन मल्टीपल ऑपरेटिव इंडिया निधि लिमिटेड के संचालकों के फरार होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में कलमेश्वर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। क्षेत्र में हड़कंप मचा जानकारी के अनुसार, आरडी, एफडी तथा दैनिक कलेक्शन योजनाओं के माध्यम से नागरिकों से जमा राशि एकत्रित की गई थी।
बाद में कंपनी संचालकों पर आर्थिक गबन कर फरार होने का आरोप लगाया गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस मामले में अंशुल बबन जावरकर (निवासी न्यू गुजरखेड़ी, सावनेर) ने कलमेश्वर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत के अनुसार, संचालक सुनील मधुकर बावणे ( निवासी पानउबाली, तहसील कलमेश्वर, वर्तमान निवास-बिनाकी, नागपुर), प्रमोद श्रीराम सोमकुवर (निवासी मोहपा, तहसील कलमेश्वर) तथा मंगेश सुभाष मनकवडे (निवासी चांपा, जिला जांजगीर, वर्तमान निवास हुडकेश्वर रोड, पिपला फाटा, नागपुर) ने सावनेर के रेलवे स्टेशन मार्ग पर निधि बैंक की शाखा शुरू की थी।
सम्बंधित ख़बरें
Maharashtra ST Action Plan: महाराष्ट्र ST को घाटे से निकालने की तैयारी, हर डिपो की होगी आर्थिक समीक्षा
नागपुर में महिला उद्यमियों को मिलेगा नया मंच, शंकरनगर में जिजाऊ स्मृति शोध संस्थान निर्माण में तेजी के निर्देश
मालेगांव: सरकारी जमीन पर लगे मोबाइल टावर का किराया 20 साल से डकार रहा था निजी व्यक्ति, RTI में बड़ा खुलासा
11 दिनों में 8 रुपये महंगा हुआ ईंधन, गोंदिया में कांग्रेस ने किया आंदोलन
निवेशकों में आक्रोश, सख्त कार्रवाई की मांग
समितीवर को और बाद में रकम निकालकर आर्थिक गबन कर विदर्भ अर्बन मल्टीपल ऑपरेटिव इंडिया निधि लिमिटेड मामले में शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि कंपनी संचालकों ने पहले निवेशकों का विश्वास जीतकर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जमा फरार हो गए, ठगी का शिकार हुए निवेशकों ने आरोपियों के खिलाफ है।
बती संख्या में निवेशकों ने पुलिस प्रशासन से मामले को निक कड़ी कार्रवाई करने तथा उनकी जमा राशि वापस दिलाने की मांग प्रशासन से की है। इस घटना के सामने आने के बाद सावनेर, कलमावर और काटोल क्षेत्र में भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ जांच कर दोषियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।
किससे कितनी राशि जमा कराई
शिकायत के अनुसार, बैंक के सभी वितीय लेन-देन ऑफलाइन तरीके से संबालित किए जा रहे से। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के खाते का संपूर्ण नियंत्रण संचालक सुनील बावणे के पास था, यौनों पेप के माध्यम से होने वाले लेन-देन की जानकारी अन्य कर्मचारियों को नहीं दी जाती थी। यहां तक कि बैंक की सिस्टम एक्सेस भी केवल संचालकों तक सीमित होने की बात सामने आई है।
यह भी पढ़ें:-नागपुर में महिला उद्यमियों को मिलेगा नया मंच, शंकरनगर में जिजाऊ स्मृति शोध संस्थान निर्माण में तेजी के निर्देश
जांच में यह भी पता चला है कि विभिन्न एजेंटों के माध्यम से लाखों रुपये जमा करए गए थे। इनमें हर्षदा यांडेले के माध्यम से 12 लाख रुपये, शीतल निखाडे के माध्यम से 9 ताया 4 हजार रुपये जया नारनवरे के माध्यम से 8 लाख रुपये, टिकल चाफेकर के माध्यम से 5 लाख रुपये तथा अर्चना निबालकन के माध्यम से 2 लाख 75 हजार रुपये सहित अन्य एजेंटों द्वारा भी बड़ी रकम जमा करवाई गई थी। मामले के उजागर होने के बाद निवेशकों में भारी रोष है।
ऐसे प्रकाश में आया मामला
विदर्भ अर्बन मल्टीपल ऑपरेटिव इंडिया निधि लिमिटेड घोटाले में लगातार नए खुलासे हो रहे है। शाखा में एजेंट एवं बिजनेस डेवलपमेंट ऑफिसर के स्रूप में कार्यरत अशुल जावरकर के अनुसार, नागरिकों को आरडी पर 8 प्रतिशत तथा एफडी पर 6 प्रतिशत लाभांश का तालच देकर बड़ी मात्रा में निवेश कराया गया, तीनों तहसीलों में एजेंट नियुक्त कर लोगों से भारी रकम जमा करवाई गई, लेकिन जब निवेशकों ने अवधि पूरी होने के बाद अपनी जमा राशि वापस मांगी, तब संचालकों ने टालमटोल शुरू कर दी और बाद में पूरी तरह संपर्क बंद कर दिया।
