Bachchu Kadu targets Devendra Fadnavis (फोटो क्रेडिट-X)
Amravati Judges House Theft: अमरावती के पॉश इलाके कांतनगर में हुई एक दुस्साहसी चोरी ने महाराष्ट्र की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चोरों ने किसी आम नागरिक को नहीं, बल्कि शहर के सुरक्षित माने जाने वाले न्यायाधीशों और अदालती कर्मचारियों के सरकारी आवासों को निशाना बनाया। इस घटना में पांच जजों और चार कर्मचारियों के घरों के ताले तोड़े गए, जहाँ से चोर लाखों रुपये लेकर फरार हो गए।
इस हाई-प्रोफाइल चोरी ने अमरावती पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है, जिससे न्यायिक जगत में गहरी चिंता और हलचल व्याप्त है।
कांतनगर स्थित जजों के इन आवासों पर चौबीसों घंटे पुलिस का पहरा रहता है। इसके बावजूद चोरों ने बड़े आराम से कई घरों में प्रवेश किया और कीमती सामान समेट लिया। चर्चा है कि चोरों को इस बात की सटीक जानकारी थी कि कौन से अधिकारी छुट्टी पर शहर से बाहर हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि जब चोरी हो रही थी, तब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी कहाँ थे? क्या वे सो रहे थे या उन्होंने जानबूझकर लापरवाही बरती? पुलिस की इस विफलता ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है।
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प्रहार जनशक्ति पार्टी के प्रमुख और पूर्व मंत्री बच्चू कडू ने इस घटना को लेकर उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री देवेंद्र फडणवीस को आड़े हाथों लिया है।
बंदर सेना पर तंज: कडू ने भाजपा के चुनावी नारों का मजाक उड़ाते हुए कहा, “आप चिल्लाते हैं कि ‘हिंदू खतरे में हैं’, लेकिन अब तो आपके राज में न्यायाधीश भी खतरे में हैं। देवभाऊ, आपकी ‘बंदर सेना’ कब काम करेगी? आपके पास गृह मंत्रालय है, फिर भी लुटेरे बेखौफ हैं।”
किसानों का दर्द: उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चोर अब जजों के घर तक पहुँच गए हैं, जबकि किसानों के घरों में तो रोज ‘नीतियों’ के जरिए चोरी हो रही है।
बच्चू कडू ने मुख्यमंत्री फडणवीस के नाम पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि आखिर राज्य में शांति और सुरक्षा कब लौटेगी।
आम आदमी की सुरक्षा: कडू ने सवाल उठाया कि अगर न्यायाधीशों के घर सुरक्षित नहीं हैं, तो एक आम आदमी अपनी सुरक्षा के लिए किसके पास जाएगा?
सक्रियता की मांग: उन्होंने मांग की है कि केवल बयानबाजी करने के बजाय गृह मंत्री को अमरावती की चरमराई कानून-व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। इस बीच, अमरावती पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब तक कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं हुई है।