देशवंडी में वामनदादा कर्डक स्मारक का भूमिपूजन, आठवले, भुजबल, भुसे और शिरसाट एक मंच पर
Nashik Vamandada Kardak Memorial Nashik: नासिक के सिन्नर तहसील के देशवंडी में लोककवि वामनदादा कर्डक स्मारक का भूमिपूजन हुआ। इस अवसर पर कई नेताओं ने उनके योगदान को याद किया।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Desvandi Sinnar Event Leaders Together( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Desvandi Sinnar Event Leaders Together: नासिक आमतौर पर जब अलग-अलग दलों के कद्दावर नेता एक साथ बैठते हैं, तो सियासी गलियारों में चर्चाएं तेज हो जाती हैं। लेकिन नासिक के सिन्नर तहसील स्थित देशवंडी में जब केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, छगन भुजबल, दादा भुसे और संजय शिरसाट एक मंच पर आए, तो हर तरफ उनकी तारीफ हुई।
इसका कारण था लोककवि वामनदादा कर्डक के स्मारक का भूमिपूजन, जिन्होंने अपनी लेखनी से समाज को नई दिशा दी। गीतों से जलाई क्रांति की मशाल कार्यक्रम के दौरान सभी नेताओं ने वामनदादा कर्डक के साहित्यिक और सामाजिक योगदान को याद किया रामदास आठवलेः वामनदादा केवल कवि नहीं, बल्कि एक प्रभावी विचारक थे।
उन्होंने अपने गीतों के जरिए डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के समता और न्याय के संदेश को जन जन तक पहुंचाया, छगन भुजबलः वामनदादा की शाहिरी ने बहुजन समाज में आत्मसम्मान की जोत जलाई, उनके गीतों ने अंबेडकरवादी आंदोलन को सांस्कृतिक मजबूती दी। दादा भुसेः यह स्मारक नई पीढ़ी को वामनदादा के कार्यों से परिचित कराएगा।
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स्मारक की खासियतें
यहां छात्रों के लिए एक अलग ‘स्टडी रूम’ बनाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। संजय शिरसाटः उनकी जन्मभूमि में बनने वाला यह स्मारक सामाजिक परिवर्तन के विचारों का दीपस्तंभ साबित होगा।
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सरकार के सामाजिक न्याय विभाग द्वारा इस स्मारक का निर्माण किया जा रहा है।
लागतः करीब 13 करोड़ 67 लाख रुपये।
क्षेत्रफलः कुल 21 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई गई है, जिसमें से 56 गुंठे पर मुख्य भवन का निर्माण होगा।
इस अवसर पर वामनदादा के परिवार और विभिन्न क्षेत्रों में नाम रोशन करने वाली प्रतिभाओं (प्रेरणा खवले व स्वर्ण पदक विजेता प्रसाद दिघोले) का सत्कार भी किया गया।
