

Maharashtra Health Workers Protest: नासिक महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग आशा एवं गुट प्रवर्तक संगठन में अपनी लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन भेजा है। संगठन का आरोप है कि पिछले चार महीनों से केंद्र सरकार का मानदेय न मिलने के कारण कार्यकर्ताओं के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
संगठन ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जो उनके दैनिक कार्यों और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ी हैं। केंद्र सरकार की ओर से नवंबर 2025 से रुका हुआ मानदेय तुरंत जारी किया जाए।
जब तक सरकार एंड्रॉइड मोबाइल और डेटा उपलब्ध नहीं कराती, तब तक 'मातृ ऐप' पर ऑनलाइन काम की जबरदस्ती बंद की जाए। 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्त होने वाली आशाओं को 5,000 रुपये मासिक भत्ता मिले या फिर रिटायरमेंट की उम्र बढ़ाकर 65 वर्ष की जाए। आशाओं को 25,000 रुपये और गुट प्रवर्तकों को 35,000 रुपये निश्चित मानधन दिया जाए।
ज्ञापन में हाल ही में भुसावल में आशा कार्यकर्ताओं पर हुए हमले का भी जिक्र किया गया है। संगठन ने इस घटना की कड़ी जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। यह ज्ञापन संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राजू देसले, कार्याध्यक्ष वैशाली खंदारे और महासचिव मंदा डोंगरे के नेतृत्व में दिया गया।
पेंडिंग मानदेय महीने (नवंबर 2025 से मार्च 2026)।
तकनीकी मांगः स्मार्टफोन और डेटा की उपलब्धता।
वेतन मांग: 25,000 से 35,000 रुपये तक। 'आयटक' संबद्ध महाराष्ट्र राज्य स्वास्थ्य विभाग आशा संगठन।
आशा कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर सरकार की हर योजना को सफल बनाती है, लेकिन आज वे खुद अपने मानदेय के लिए तरस रही है। बिना मोबाइल दिए ऑनलाइन काम थोपना अनुचित है। अगर हमारी मांगे जल्द पूरी नहीं हुई, तो पूरे राज्य में काम बंद आंदोलन शुरू किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। र
- प्रदेश अध्यक्ष, आयटक आशा संगठन, राजू देसले