

नासिक: कुछ दिनों से नासिक में उद्धव गुट के नेताओं को अपने पक्ष में लाने की कोशिश कर रही बीजेपी गुरुवार को बड़ा कदम उठाने वाली थी। चर्चा थी कि बीजेपी ने उद्धव गुट के नेता सुनील बागूल और महानगर प्रमुख मामा राजवाडे को पार्टी में शामिल कर लिया है। इस पर उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने बीजेपी की कड़ी आलोचना की और राजनीतिक अनुशासन व पुलिस तंत्र के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया।
इसके बाद बीजेपी ने दोनों नेताओं का पार्टी प्रवेश फिलहाल रोकने का फैसला लिया और 3 जुलाई को होने वाला प्रवेश स्थगित कर दिया। चार दिन पहले विलास शिंदे ने एकनाथ शिंदे के शिवसेना गुट में शामिल होकर नासिक की राजनीति में हलचल मचा दी थी। उद्धव ठाकरे ने नासिक के महानगर प्रमुख का पद मामा राजवाड़े को सौंपा था, लेकिन बीजेपी ने उन्हें भी अपने पक्ष में लाने की कोशिश की।
मामा राजवाडे और सुनील बागूल के खिलाफ नासिक पुलिस ने मारपीट मामले में मामला दर्ज किया था। दोनों पुलिस की तलाश में थे, लेकिन गिरफ्तार नहीं हुए और जमानत के प्रयास कर रहे थे, इसलिए पुलिस रिकार्ड में उनकी स्थिति फरार के रुप में दर्ज थी। बीजेपी में ऐसे फरार आरोपियों के शामिल होने से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की छवि प्रभावित हो सकती थी।
इस कारण बीजेपी नेतृत्व ने पार्टी प्रवेश स्थगित किया है। दोनों के जमानत आवेदन की सुनवाई 5 जुलाई को होगी। तब तक उनकी पार्टी में एंट्री का इंतजार होगा। नासिक की राजनीति फिलहाल काफी सक्रिय बनी हुई है।
मामा राजवाडे के भाजपा में शामिल होने की खबर के बाद उद्धव गुट ने अहम फैसला लिया। इसके तहत मामा राजवाडे को नासिक महानगर प्रमुख के पद से हटा दिया गया। इस बात की घोषणा संजय राउत ने की। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के आदेश पर प्रथमेश गीते को नासिक महानगर प्रमुख नियुक्त किया गया है। राउत ने इस घोषणा के साथ 'जय महाराष्ट्र' का ट्वीट भी किया है।