Niphad farmers protest (सोर्सः सोशल मीडिया)
Niphad Farmers Protest: निफाड़ तहसील के सावली और चाटोरी क्षेत्र में सूरत-चेन्नई राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए अधिग्रहित भूमि के बदले कम मुआवजा मिलने पर किसानों में भारी रोष है। इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक अनिल कदम के नेतृत्व में किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी आयुष प्रसाद से उनके कार्यालय में मुलाकात की और उचित मुआवजे की मांग दोहराई।
बैठक के दौरान पूर्व विधायक अनिल कदम ने जिलाधिकारी के समक्ष किसानों की समस्या रखते हुए कहा कि प्रशासन ने सावली क्षेत्र की कृषि भूमि का मूल्यांकन बहुत कम किया है, जो किसानों के साथ अन्याय है। इस अवसर पर शिवसेना तालुका प्रमुख खंडू बोडके पाटिल ने भी शिकायत की कि पिंपलगांव निपानी, तलवाड़े, भेंडाली, करंजगांव, कोठुरे, पिंपरी, रानवड़ और नांदुरखुर्द जैसे क्षेत्रों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी किए बिना ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है।
मामले की सुनवाई के बाद जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने स्पष्ट किया कि सावली के किसानों के लिए भूमि अधिग्रहण का अंतिम निर्णय हो चुका है, इसलिए फिलहाल अतिरिक्त मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे स्वीकृत राशि को ब्याज सहित स्वीकार करें और उसके बाद नासिक रोड स्थित सक्षम प्राधिकरण के पास अपनी अपील दायर करें।
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बैठक में उपस्थित कई वरिष्ठ किसानों ने अपनी जमीन जाने और उसके बदले नाममात्र का मुआवजा मिलने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। इस चर्चा में पूर्व विधायक अनिल कदम और खंडू बोडके पाटिल के साथ सावली के किसान साहेबराव बोडके, भाऊसाहेब बोडके, निवृत्ति बोडके, विष्णु चाटे, चंद्रभान बोडके, रामदास बोडके, संपत सानप, दिगंबर हांडगे, गणेश घोलप सहित अन्य ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद थे।