एक महीने में कर्जमाफी नहीं हुई तो मंत्रियों की खैर नहीं! सुप्रिया सुले का फडणवीस सरकार को अल्टीमेटम
Supriya Sule: नासिक शहर में आज राष्ट्रवादी काँग्रेस शरद पवार गुट की ओर से किसानों और मजदूरों की विविध समस्याओं को लेकर भव्य किसान आक्रोश मोर्चा निकाला गया।
- Written By: आंचल लोखंडे
एक महीने में कर्जमाफी नहीं हुई तो मंत्रियों की खैर नहीं! (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nashik News: नासिक शहर में आज राष्ट्रवादी काँग्रेस शरद पवार गुट की ओर से किसानों और मजदूरों की विविध समस्याओं को लेकर भव्य किसान आक्रोश मोर्चा निकाला गया था। इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए पार्टी की सांसद सुप्रिया सुले ने राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। सुले ने कहा, आज हम किसानों के न्याय के लिए एकत्र हुए हैं, राज्य के सभी किसानों को हर जिले के कलेक्टर कार्यालय जाकर कर्जमाफी की मांग करनी चाहिए। अगर एक महीने के भीतर सरसकट कर्जमाफी नहीं दी गई, तो देवेंद्र फडणवीस सरकार के किसी भी मंत्री को हम घूमने नहीं देंगे।
उन्होंने आगे कहा, यूपीए सरकार के समय 70 हजार करोड़ रुपये की कर्जमाफी दी गई थी। नासिक जिला बैंक से 65 हजार किसानों के नाम हटाकर अन्य नाम डाले गए। इस मामले की जांच के लिए हम सभी सांसद केंद्र सरकार से लगातार मांग करेंगे।
📍नाशिक ⏭️ 15-09-2025 ➡️ नाशिक येथे आयोजित शेतकरी आक्रोश मोर्चातून लाईव्ह
https://t.co/YhJJGksatk — Supriya Sule (@supriya_sule) September 15, 2025
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यह मोर्चा एक छोटी सी शुरुआत है
सांसद ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, यह मोर्चा एक छोटी सी शुरुआत है। किसानों को न्याय दिलाने वाला पक्ष सिर्फ राष्ट्रवादी कांग्रेस है। हम केंद्र में कृषि मंत्री और प्रधानमंत्री से मिलकर किसानों की समस्याएं उठाएंगे। इस मोर्चे की सुरुवात सुबह 10:30 बजे हुतात्मा अनंत कान्हेरे मैदान से हुई। मोर्चे में पार्टी सुप्रीमो शरद पवार समेत वरिष्ठ नेता और हजारों कार्यकर्ते शामिल हुए। आगामी चुनावों की पृष्ठभूमि पर इस मोर्चे को एक बड़े एलान के रूप में देखा जा रहा है।
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मोर्चे के माध्यम से किसानों की इन प्रमुख मांगों को आवाज़ दी गई
- किसानों का सम्पूर्ण कर्जमाफ कर सातबारा कोरा करना।
- प्याज की मुक्त निर्यात नीति लागू करना।
- कपास की आयात तुरंत रोकना।
- अंगूर उत्पादकों के लिए विशेष पैकेज।
- कृषि उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलना।
- दूध पर प्रति लीटर 10 रुपये की सब्सिडी देना।
