Nashik News: सिंहस्थ कुंभ के लिए रेलवे का कायाकल्प, तैयारियां तेज, 3 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का अनुमान
Simhastha Kumbh 2026: सिंहस्थ कुंभ 2026 की तैयारियों के तहत नाशिक, देवलाली और ओढा रेलवे स्टेशनों पर बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Devlali station development (सोर्सः सोेशल मीडिया)
Nashik Kumbh Mela Railway: मध्य रेलवे के भुसावल मंडल द्वारा नाशिक-त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर व्यापक और समयबद्ध बुनियादी ढांचा विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। इस बार रेलवे ने लगभग तीन करोड़ श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़ की उम्मीद जताई है, जो 2015 के कुंभ मेले की तुलना में काफी अधिक है। इस चुनौती से निपटने के लिए रेलवे कनेक्टिविटी को मजबूत करने और स्टेशनों की क्षमता बढ़ाने हेतु एक एकीकृत विकास योजना तैयार की गई है।
देवलाली और नासिक रोड पर युद्धस्तर पर कार्य
देवलाली रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और यात्री प्रबंधन सुविधाओं का काम तेजी से चल रहा है। रेल संपदा को सुरक्षित करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के समन्वय से देवलाली कैंप क्षेत्र में अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। भारी भीड़ के प्रबंधन के लिए स्टेशनों पर स्वतंत्र ‘होल्डिंग एरिया’ विकसित किए जा रहे हैं, जिसके लिए राज्य सरकार के साथ समन्वय जारी है।
नासिक, देवलाली और ओढा स्टेशनों पर बुनियादी ढांचे का विस्तार
वहीं, नासिक रोड रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्लेटफॉर्म संख्या चार और डाउन प्लेटफॉर्म का चौड़ीकरण किया जा रहा है। सुरक्षित आवाजाही के लिए एक नए फुटओवर ब्रिज (FOB) को मंजूरी दी गई है, जिसके गर्डर निर्माण का कार्य मनमाड वर्कशॉप को सौंपा गया है।
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तकनीकी उन्नयन और सुरक्षा पर जोर
रेलवे प्रशासन सिग्नलिंग प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग पर विशेष ध्यान दे रहा है। मनमाड-इगतपुरी खंड में ‘ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग’ का कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिससे ट्रेनों की वहन क्षमता और सुरक्षा में सुधार होगा। ओढा स्टेशन पर नई इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग बिल्डिंग, ट्रैक फॉर्मेशन और ओवरहेड इक्विपमेंट (OHE) के कार्य प्रगति पर हैं।
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प्रमुख स्टेशनों की वर्तमान स्थिति:
- ओढा स्टेशन: निर्माण विभाग द्वारा ट्रैक और सिग्नलिंग का काम जारी है। दूसरे चरण में परिचालन शुरू करने का लक्ष्य है।
- खेरवाडी स्टेशन: यार्ड रिमॉडलिंग और प्लेटफॉर्म से संबंधित सिविल कार्य अंतिम चरण में हैं। पानी की टंकियों का आरसीसी कार्य पूर्ण हो चुका है।
- निफाड और उगाव: यहां के कुछ गैर-जरूरी कार्यों को कुंभ मेले के बाद के लिए टाल दिया गया है, ताकि मुख्य स्टेशनों के कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
- रेलवे अधिकारियों के अनुसार, सभी परियोजनाओं की गुणवत्ता की कड़ी जांच की जा रही है ताकि बुनियादी ढांचा लंबे समय तक सुरक्षित और टिकाऊ बना रहे। आगामी सिंहस्थ की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में यह प्रोजेक्ट सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।
