'आयमा इंडेक्स 2025' संगोष्ठी में सिडबी अधिकारी कल्पकांत बेहेरा का आह्वान
Nashik Business Development: स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (सिडबी) के शाखा अधिकारी कल्पकांत बेहेरा ने उद्योजकों, किसानों और व्यवसायियों से सिडबी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपना आर्थिक विकास करने का आह्वान किया। बेहेरा ‘आयमा इंडेक्स 2025’ में आयोजित “ऊर्जा का सर्वोत्तम उपयोग और निरंतरता” विषय पर चर्चा सत्र को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सिडबी के पास लघु उद्यमियों के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएँ हैं। औद्योगिक मशीनरी, कृषि आदि के लिए ऋण की प्रक्रिया अत्यंत सरल है और यह 2 से 3 दिनों में पूरी हो जाती है। बेहेरा ने यह भी याद दिलाया कि बैंक ने आयमा (AIMA) के साथ एक पारस्परिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं और आयमा के सदस्यों को सिडबी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी उन्नति करनी चाहिए।
आयमा के अध्यक्ष ललित बूब ने अपने प्रारंभिक भाषण में कहा कि यदि मानव जीवन को सुचारु रूप से चलाना है, तो विटामिन बी की आवश्यकता होती है। उसी प्रकार यदि उद्योग का विकास हासिल करना है, तो सिडबी की आवश्यकता होती है। यह कहते ही सभागार में हँसी की लहर दौड़ गई। बूब ने इस अवसर पर यह भी आह्वान किया कि उद्योजकों और व्यवसायियों को सिडबी की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने में आयमा हमेशा सहयोगात्मक भूमिका निभाती है, इसलिए सभी को इसका लाभ उठाना चाहिए।
सिडबी के सचिन कोठेकर ने बैंक की लाभदायक योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। नीलेश शेडगे और ऋषिकेश सुरकांबळे ने बिजली की बचत कैसे करें, इस पर प्रस्तुति दी और सौर ऊर्जा के महत्व को स्पष्ट किया। चर्चा सत्र में यह भी आह्वान किया गया कि सौर ऊर्जा का उपयोग करने वाले उद्यमियों के लिए सिडबी की विभिन्न योजनाएँ हैं और सभी को इसके बारे में जानकारी लेनी चाहिए।
ये भी पढ़े: पुरानी पेंशन योजना: 1999 से नियमित सेवा के लाभ पर सरकार की याचिका खारिज
मंच पर आयमा के बीओपीपी चेयरमैन ज्ञानेश्वर गोपाले, उपाध्यक्ष उमेश कोठावदे, सहसचिव योगिता आहेर, आलोक कानानी, अनिल डिंगरे, रवींद्र झोपे, सेमिनार समिति के चेयरमैन कमलेश उशीर, आईपीपी निखिल पांचाळ, विनोद कुंभार, सूरज आव्हाड, अशलेश आहेर समेत कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।