
नाशिकरोड: नाशिक में कुछ समय के लिए अथवा हमेशा आने वाले पर्यटक, यात्री, व्यापारियों के लिए नाशिकरोड रेलवे स्टेशन (Nashik Road Railway Station) में बारा पॉड होटल (कैप्सूल होटल) शुरू करने का निर्णय रेल विभाग ने लिया है। दिल्ली हवाई अड्डे, मुंबई रेलवे स्टेशन पर इस प्रकार के छोटे पॉड होटल (Pod Hotel) शुरू किए गए हैं। सुरक्षित निवास के लिए उसका अच्छा उपयोग होता है।
भुसावल रेल विभाग के वरिष्ठ वाणिज्य व्यवस्थापक शिवराज मालपुरे ने बताया कि नाशिकरोड रेल स्थानक की मुख्य इमारत में बारा पॉड होटल शुरू होंगे। इसमें कुछ परिवार और कुछ महिला, पुरुषों के लिए स्वतंत्र होंगे। देशभर से नाशिक में पर्यटन और धार्मिक पर्यटन सहित कारोबार के लिए आने वालों को पॉड होटल के रूप से सुरक्षित और आरामदायी छोटा निवास स्थान उपलब्ध होगा।
रेल स्टेशन पर उतरने के बाद सस्ते दामों में यह सुविधा उपलब्ध होगी। निजी लॉज, होटल पर होने वाला खर्च कम होने में मदद होगी। नाशिकरोड स्टेशन की मुख्य इमारत में पॉड होटल शुरू होगा। रेलवे स्टेशन की पहले मंजिल पर पादचारी पुल के बगल में वातानुकूलित लाउन्ज रेल प्रशासन ने तैयार किए हैं। इसके लिए खुली जगह को घेरा किया जाएगा। इससे रेल के आवाज की समस्या नहीं होगी। होटल के पास सुरक्षा रक्षक नियुक्त रहेंगे।
जापान में पॉड होटल सर्वप्रथम शुरू हुए हैं। 3 हजार चौरस फुट जमीन पर कमरों के आकार के छोटे कैप्सूल होंगे। इसमें टीवी, दर्पण, एसी, रीडिंग लाइट, इंटीरियर लाइट, मोबाइल चार्जिंग, लॉकर्स, डिलक्स टॉयलेट, बाथरूम, शॉवर, कॉमन वॉशरूम, नि:शुल्क वाईफाई आदि की सुविधा होती है। भारतीय रेल ने मे. अर्बनपॉड होटल को 9 वर्षों के लिए देश में इस प्रकार के होटल बनाने का ठेका दिया है। नाशिकरोड के पॉड होटल के लिए आगामी दिनों में टेंडर निकाला जाएगा। संबंधित ठेकेदार को रेल अपनी जगह उपलब्ध कराएगी। ठेकेदार पॉड होटल निर्माण करने के बाद सुविधा उपलब्ध कराएगा। इसके लिए कुछ शर्तें रखी जाएंगी। पॉड होटल से होने वाली आय का कुछ हिस्सा रेल विभाग को देना होगा। नाशिक महत्वपूर्ण धार्मिक, औद्योगिक और पर्यटन शहर होने के कारण रेल से यात्रा करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई कारणों से आवागमन करने वालों को सुविधा उपलब्ध कराना और आय बढ़ाने का उद्देश्य होने की बात कही गई है।
रेलवे के वन स्टेशन, वन प्रोडक्ट योजना अंतर्गत भुसावल विभाग ने नाशिकरोड स्थानक के एक नंबर प्लेटफार्म पर खादी का स्टॉल शुरू किया है। इसके पीछे स्थानीय सहकारी संस्था, कलाकारों को प्रोत्साहन देने का उद्देश्य बताया गया है। एक हजार रुपए पंजीकरण शुल्क अदा करने के बाद 15 दिनों तक स्टॉल के लिए यह जगह उपलब्ध कराई जाएगी। हथकरघा, पारंपरिक वस्त्र, कृषि उत्पादन, शैम्पू, साबुन, उत्पादन आदि के स्टॉल के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन स्टॉलों को अच्छा प्रतिसाद मिलने की जानकारी स्टेशन मास्टर आर. के. कुठार ने दी है।






