सावधान! पिंपलगांव बसवंत के पास घूम रही है 5 तेंदुओं की टोली, वन विभाग ने बिछाया पिंजरों का जाल
Leopard Terror Nashik News: नासिक के पिंपलगांव बसवंत के पास धोंडगव्हाणवाड़ी में 5 तेंदुओं के झुंड ने दहशत मचा दी है। दो पालतू कुत्तों के शिकार के बाद वन विभाग ने पिंजरा लगाया। किसानों में भारी डर।
- Written By: गोरक्ष पोफली
तेंदुआ (सोर्स: सोशल मीडिया)
Leopard Terror Nashik: नासिक जिले के पिंपलगांव बसवंत से सटे धोंडगव्हाणवाड़ी क्षेत्र में इन दिनों तेंदुए का खौफ चरम पर है। सामान्यतः तेंदुए अकेले घूमते हैं, लेकिन यहाँ एक साथ 5 तेंदुओं का झुंड देखा जा रहा है, जिसने वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की भी चिंता बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से चिखली ममला इलाके में इन तेंदुओं का मुक्त संचार जारी है। शनिवार, 18 अप्रैल की रात तेंदुओं ने रिहायशी इलाके में घुसकर दो पालतू कुत्तों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना के बाद से गांव के हर घर में दहशत का माहौल है और लोग सूर्यास्त के बाद घरों से बाहर निकलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
बिजली कटौती और अंधेरे का फायदा उठा रहे शिकारी
स्थानीय किसानों का कहना है कि वर्तमान में जारी लोडशेडिंग (बिजली कटौती) का तेंदुए पूरा फायदा उठा रहे हैं। रात के समय चारों ओर छाए अंधेरे के कारण तेंदुए सीधे घरों के आंगन तक पहुँच रहे हैं। किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत खेतों की सिंचाई को लेकर खड़ी हो गई है। डर के कारण किसान रात के समय फसलों को पानी देने के लिए खेतों में जाने से कतरा रहे हैं, जिसका सीधा असर कृषि कार्य पर पड़ रहा है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर परिजन बेहद चिंतित हैं, क्योंकि तेंदुओं की मौजूदगी अब खेतों से निकलकर आबादी वाले क्षेत्रों तक बढ़ गई है।
पिंजरा लगाकर निगरानी शुरू
नासिक स्थित धोंडगव्हाणवाड़ी के नागरिकों और किसानों की निरंतर शिकायतों और बढ़ते खतरे को देखते हुए वन विभाग अंततः एक्शन में आ गया है। वन विभाग के अधिकारियों ने उस क्षेत्र का मुआयना किया जहाँ तेंदुओं ने कुत्तों का शिकार किया था। सुरक्षा के मद्देनजर विभाग की ओर से इलाके में पिंजरा लगा दिया गया है और वहां शिकार की भी व्यवस्था की गई है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि तेंदुओं की संख्या पांच है, इसलिए केवल एक पिंजरा पर्याप्त नहीं हो सकता। वन विभाग ने ग्रामीणों को रात में समूह में चलने, हाथ में टॉर्च रखने और खेतों में जाते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है।
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इंसानी बस्तियों की ओर बढ़ते कदम
यह घटना केवल धोंडगव्हाणवाड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नासिक जिले में इंसानों और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष का एक हिस्सा है। गन्ने के खेतों की अधिकता के कारण तेंदुओं को छिपने के लिए सुरक्षित जगह मिल जाती है, जिससे इस क्षेत्र में उनकी संख्या में वृद्धि हुई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक सभी पांचों तेंदुओं को पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक वन विभाग की गश्ती टीम इलाके में तैनात रहनी चाहिए। फिलहाल, पूरा गांव पिंजरे में तेंदुए के कैद होने का इंतजार कर रहा है ताकि उनकी जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सके।
