Nashik DM Action Mode: डीएम आयुष प्रसाद का मिशन 2027, 17 महीने का अल्टीमेटम, लापरवाही की तो गिरेगी गाज
Nashik DM Action Plan: नासिक जिलाधिकारी ने जनगणना, चुनाव और राजस्व कार्यों के लिए 26 सितंबर 2027 तक की डेडलाइन तय की है। जानें क्या है डीएम का 'टाइम बाउंड' मिशन और अधिकारियों को दी गई चेतावनी।
- Written By: गोरक्ष पोफली
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik DM Action Plan News: नासिक जिले के प्रशासनिक ढांचे में जवाबदेही और गतिशीलता लाने के लिए जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने एक अभूतपूर्व कदम उठाया है। जिले में लंबे समय से लंबित समस्याओं के स्थायी निराकरण और भविष्य की बड़ी जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने के लिए उन्होंने सभी विभागों के अधिकारियों के लिए 17 महीने का एक सख्त ‘एक्शन प्लान’ जारी किया है। इस विशेष अभियान का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 26 सितंबर 2027 तय किया गया है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि इस निर्धारित तिथि तक जनगणना, चुनाव प्रबंधन, भू-संपादन और राजस्व से जुड़े सभी महत्वपूर्ण लक्ष्यों को पूर्ण करना अनिवार्य होगा। यह रणनीति जिले के विकास कार्यों को एक नई दिशा देने और सरकारी तंत्र में व्याप्त सुस्ती को खत्म करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
मई से शुरू होगा जमीनी काम
इस एक्शन प्लान का एक बड़ा हिस्सा आगामी जनगणना कार्यों को समर्पित है। जिलाधिकारी ने घोषणा की है कि मई के दूसरे सप्ताह से जिले में जनगणना की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी जाएगी। इसके लिए प्रशासनिक मशीनरी को युद्ध स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों की नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से पूरी करने को कहा गया है।
वार्ड और गांवों की डिजिटल व फिजिकल मैपिंग पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है ताकि डेटा संग्रह में कोई त्रुटि न रहे। डीएम ने साफ किया है कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसमें किसी भी स्तर पर देरी स्वीकार्य नहीं होगी।
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चुनावी सुधार और राजस्व का ‘महासमाधान’
प्रशासनिक सुधारों के इस रोडमैप में मतदाता सूची के पुनरीक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत मतदाताओं की मैपिंग, फोटो सत्यापन और सूची से दोहरे नामों को हटाने जैसे जटिल कार्यों को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाना है। साथ ही, फॉर्म नंबर 6, 7 और 8 के आवेदनों का त्वरित निस्तारण करने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा, आम नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से बचाने के लिए मंडल स्तर पर ‘छत्रपती शिवाजी महाराज महासमाधान शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों की खासियत यह होगी कि अधिकारी स्वयं गांवों में जाकर जनता की शिकायतों का मौके पर ही निपटारा करेंगे। भू-संपादन की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारी ने ‘सीधी खरीद’ (Direct Purchase) को प्राथमिकता देने और लंबित न्यायिक प्रकरणों को जल्द से जल्द सुलझाने का निर्देश दिया है।
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कार्य पूर्ण करें या कानूनी कार्रवाई झेलें
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद का यह आदेश अधिकारियों के लिए एक स्पष्ट ‘लक्ष्मण रेखा’ की तरह है। उन्होंने कहा कि दैनिक शासकीय कार्यों की व्यस्तता का बहाना बनाकर इन विशेष लक्ष्यों से पल्ला नहीं झाड़ा जा सकता। डीएम ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि यह एक समयबद्ध और समावेशी कार्यक्रम है। कार्यों की गंभीरता को देखते हुए विभाग प्रमुख समय पर नियोजन करें। यदि आवश्यकता हो, तो अतिरिक्त जनशक्ति (Manpower) की सहायता लें, लेकिन 26 सितंबर 2027 तक सभी लक्ष्यों को पूरा करना अनिवार्य है।
इस चेतावनी के साथ ही उन्होंने यह भी जोड़ दिया कि जो अधिकारी या कर्मचारी इस ‘टाइम बाउंड’ मिशन में लापरवाही बरतेंगे, उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इस कड़े रुख से नासिक प्रशासन में हड़कंप मच गया है, लेकिन आम जनता के लिए यह बेहतर सुशासन की एक नई किरण लेकर आया है।
