महाराष्ट्र में लागू होगा आंध्र प्रदेश मॉडल, प्याज पर सरकार ने बुलाई आपात बैठक
Farmers Protest: प्याज़ के गिरते दामों से नाराज़ किसानों के आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने आपात बैठक बुलाई। आंध्र मॉडल पर किसानों को सब्सिडी देने की चर्चा संभव।
- Written By: अर्पित शुक्ला
प्याज
Nashik News: राज्य में प्याज़ के दामों में भारी गिरावट से किसानों में गहरी नाराज़गी है। इसी कारण राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार की अगुवाई में नाशिक में हुए आंदोलन के बाद राज्य सरकार हरकत में आई है। मंगलवार 16 सितंबर को प्याज़ के मुद्दे पर सरकार ने आपात बैठक बुलाने का निर्णय लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने विशेषज्ञों से इस समस्या के समाधान पर राय मांगी है। उपमुख्यमंत्री जयकुमार रावल ने भी कृषि विशेषज्ञों की बैठक बुलाई है। साथ ही यह मुद्दा मंत्रिमंडल की बैठक में भी उठाया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार इस मसले को गंभीरता से ले रही है।
प्याज़ की कीमतें हज़ार रुपये प्रति क्विंटल से भी कम
इन दिनों बाज़ार में प्याज़ की कीमतें हज़ार रुपये प्रति क्विंटल से भी नीचे चली गई हैं। इस तेज़ गिरावट ने किसानों में गहरी असंतुष्टि पैदा की है। इसी असंतोष के चलते एनसीपी ने नाशिक में मोर्चा निकालकर सरकार को घेरा। साथ ही पार्टी ने सरकार को एक महीने का अल्टीमेटम दिया है, जिसके कारण सरकार को तुरंत कदम उठाने पड़ रहे हैं।
आंध्र प्रदेश का मॉडल विकल्प के रूप में
आंध्र प्रदेश सरकार ने न्यूनतम आधार मूल्य 11 रुपये प्रति किलो तय किया है। यदि किसान बाज़ार में अपनी उपज 8 रुपये किलो में बेचते हैं तो राज्य सरकार उन्हें 3 रुपये किलो की सब्सिडी देती है। यह नीति सभी कृषि उपज पर लागू है। विशेषज्ञों का मानना है कि महाराष्ट्र में भी इसी तरह का समाधान अपनाया जा सकता है।
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यानी राज्य सरकार यदि आधार मूल्य तय करे और उससे कम दाम पर बेचने पर किसानों को भरपाई दे, तो ज़रूरतमंद किसानों को राहत मिलेगी और सरकार का ख़र्च भी संतुलित रहेगा। प्याज़ क्षेत्र के एक अनुभवी व्यक्ति ने इस विकल्प को संभावित समाधान बताया है।
