Nashik News: ‘ओएफसी’ निविदा प्रक्रिया अवैध? सड़क खुदाई के टेंडर की समय सीमा समाप्त
स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा तीन सौ किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल यानी ओएफसी बिछाने के लिए सड़क खुदाई का टेंडर समय सीमा समाप्त होने के बाद जारी किए जाने से टेंडर प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
ओएफसी' निविदा प्रक्रिया अवैध। (सौजन्यः सोशल मीडिया)
नासिक: स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा तीन सौ किलोमीटर लंबी ऑप्टिकल फाइबर केबल यानी ओएफसी बिछाने के लिए सड़क खुदाई का टेंडर समय सीमा समाप्त होने के बाद जारी किए जाने से टेंडर प्रक्रिया की वैधता पर सवाल उठ रहे हैं।
शहर में सड़कों को एमएनजीएल की गैस पाइपलाइन सहित विभिन्न मोबाइल कंपनियों द्वारा ‘ओएफसी’ के लिए खोदा जाता है। सड़क खोदने में नियमों का उल्लंघन किया जाता है। इसके कारण नगर निगम को सड़क मरम्मत का खर्च उठाना पड़ता है, जो संबंधित कंपनियों से मिलने वाले सड़क मरम्मत शुल्क से कई गुना अधिक होता है।
ओएफसी लगाने का फैसला
इसलिए महानगरपालिका ने मुंबई, पिंपरी-चिंचवाड़, पुणे, औरंगाबाद और नागपुर महानगरपालिकाओं की तर्ज पर अपना खुद का ओएफसी लगाने का फैसला किया है। इसके लिए शहर में सड़कों को खोदकर दो डक्ट बनाए जाएंगे और इन डक्ट में ओएफसी लगाया जाएगा।
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नगर निगम को आय भी होगी
ओएफसी को लीज पर उपलब्ध कराने से नगर निगम को आय भी होगी। यह कार्य नगर निगम के निर्माण विभाग के माध्यम से कराए जाने की उम्मीद थी। लेकिन, इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया स्मार्ट सिटी कंपनी के माध्यम से क्रियान्वित की जा रही है। दरअसल, स्मार्ट सिटी कंपनी का कार्यकाल 31 मार्च 2025 को समाप्त हो चुका है। इसलिए ओएफसी के लिए क्रियान्वित की जा रही टेंडर प्रक्रिया विवादों में घिरने की पूरी संभावना है।
