Vande Bharat Express Snake Case (फोटो क्रेडिट-X)
Vande Bharat Train Safety: भारतीय रेल की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने वाले एक बेहद सनसनीखेज मामले में मध्य रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को बड़ी कामयाबी मिली है। आरपीएफ की टीम ने 27 दिसंबर 2025 को वंदे भारत एक्सप्रेस के शौचालय में जिंदा सांप रखने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 37 वर्षीय जगन अर्जुन भाले के रूप में हुई है, जो नाशिक जिले का रहने वाला है। उसे 12 फरवरी 2026 को मुंब्रा इलाके से हिरासत में लिया गया।
यह घटना पिछले साल दिसंबर में तब सामने आई थी जब गाड़ी संख्या 22225 (वंदे भारत एक्सप्रेस) के कोच सी-16 के शौचालय में एक सांप रेंगता हुआ पाया गया था। सांप दिखने से यात्रियों में हड़कंप मच गया था, जिसके बाद तत्काल शौचालय को सील कर सोलापूर स्टेशन पर वन्यजीव विशेषज्ञों की मदद से सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया गया था। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पता चला कि एक अज्ञात व्यक्ति ने जानबूझकर सांप को वहां छोड़ा था।
घटना के बाद रेलवे पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 145(बी), 147 और 153 के तहत मामला दर्ज किया था। आरोपी की तलाश के लिए आरपीएफ ने विशेष टीम का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति शौचालय में प्रवेश करते और संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त दिखाई दिया। आरपीएफ ने एक गुप्त मुखबिर की मदद से आरोपी का हुलिया मिलान किया और तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसे मुंब्रा में ट्रैक कर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।
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गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के दौरान जगन अर्जुन भाले ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। हालांकि, उसने ट्रेन में सांप रखने के पीछे की असली वजह का अभी पूरी तरह खुलासा नहीं किया है, लेकिन पुलिस को आशंका है कि यह शरारत या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। आरोपी को कल्याण स्थित रेलवे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (MCR) में भेज दिया गया है। आरपीएफ अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस कृत्य में उसके साथ कोई और भी शामिल था।
मध्य रेलवे ने आरपीएफ टीम की इस त्वरित कार्रवाई और जांच कौशल की सराहना की है। वंदे भारत जैसी हाई-स्पीड और प्रीमियम ट्रेनों में इस तरह की घटना यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती थी। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी नेटवर्क और जमीनी खुफिया जानकारी के बेहतर तालमेल की वजह से ही आरोपी को इतने कम समय में पकड़ा जा सका। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब ट्रेनों के कोच और वॉशरूम की निगरानी और अधिक सख्त कर दी गई है।