प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: AI)
Nashik Minor Girls Missing News: महाराष्ट्र के नासिक शहर से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां महज एक छोटी सी बात और बदनामी के डर से तीन नाबालिग सहेलियों ने अपना घर छोड़ दिया। यह मामला तब शुरू हुआ जब इन लड़कियों को उनके ही एक रिश्तेदार ने सड़क पर एक लड़के के साथ बातचीत करते हुए देख लिया था। लोकलाज और परिजनों की डांट के डर से सहमी इन तीनों लड़कियों ने भागने का आत्मघाती फैसला ले लिया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
सूत्रों के अनुसार, चेहडी पंपिंग परिसर में मजदूरी करने वाले परिवार की दसवीं की छात्रा अपनी सहेली और बहन के साथ पढ़ाई से संबंधित ज़ेरॉक्स कॉपी निकलवाने पास की दुकान पर गई थी। उसी दौरान उसकी कक्षा का एक छात्र उससे बातचीत करने लगा, जिसे लड़की के एक रिश्तेदार ने देख लिया। यह आशंका होने पर कि घर में इसकी शिकायत हो जाएगी और डांट पड़ेगी, तीनों लड़कियां घबरा गईं। इसी डर के कारण उन्होंने घर वापस जाने की बजाय आसपास के इलाके में ही छिपने का निर्णय लिया।
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब तीनों छात्राएं घर वापस नहीं पहुंचीं तो उनके माता-पिता घबरा गए और उनकी खोजबीन शुरू कर दी। रिश्तेदारों, मित्रों और जान-पहचान वालों से जानकारी लेने के बावजूद कोई सुराग नहीं मिला। अंततः परिजनों ने नासिक रोड पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। एक साथ तीन स्कूली छात्राओं के लापता होने से अपहरण की आशंका गहराने लगी और इलाके में डर का माहौल बन गया।
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शिकायत मिलते ही हवलदार सानप ने तत्काल तलाश अभियान शुरू कर दिया। आसपास के सभी संभावित स्थानों की छानबीन की गई। देर रात करीब आधी रात के समय तीनों छात्राएं इलाके के ही एक चौराहे के पास छिपी हुई मिलीं। पुलिस ने उन्हें सुरक्षित हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसके बाद पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ।
बाद में पुलिस ने छात्राओं और उनके अभिभावकों की काउंसलिंग की। जांच में सामने आया कि यह मामला गलतफहमी, भय और आपसी संवाद की कमी के कारण उत्पन्न हुआ था। इसके बाद तीनों लड़कियों को सुरक्षित रूप से उनके परिवारों के सुपुर्द कर दिया गया। घटना के शांतिपूर्ण अंत से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली और अपहरण की फैली अफवाहों पर विराम लग गया।