Nashik standing committee (सोर्सः सोशल मीडिया)
BJP Surprise Decision Nashik: महापौर चुनाव की तर्ज पर भारतीय जनता पार्टी ने स्थायी समिति के सदस्यों के चयन में भी सरप्राइज कार्ड का इस्तेमाल किया है। पार्टी ने स्थापित दिग्गजों को किनारे करते हुए महिलाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता दी है। इस बदलाव के बाद अब स्थायी समिति के सभापति पद के लिए दावेदारी और मुकाबला दिलचस्प हो गया है।
सोमवार को महापौर हिमगौरी आडके की अध्यक्षता में आयोजित महासभा में स्थायी समिति के सदस्यों की नियुक्तियों की घोषणा की गई। सत्ताधारी भाजपा ने नामों को लेकर पूरी गोपनीयता बरती और सुबह गिरीश महाजन की सहमति के बाद नामों की सूची जारी की।
भाजपा ने महापौर पद की दौड़ में शामिल रहीं दीपाली कुलकर्णी और माधुरी बोलकर को समिति में स्थान देकर उनकी नाराजगी दूर करने का प्रयास किया है। साथ ही, चुनाव से ठीक पहले ठाकरे गुट छोड़कर आईं अदिति पांडे सहित सरिता सोनवणे, जयश्री गायकवाड, इंदुबाई खेताडे और मच्छिंद्र सानप जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं को भी जगह दी गई है। राहुल गणोरे और बाला निगल जैसे नए चेहरों को मौका देकर पार्टी ने पुराने और नए का संतुलन बनाने की कोशिश की है।
शिंदे गुट ने मनसे की मयूरी पवार, राहुल दिवे के साथ किरण गामणे और रंजना बोराडे को समिति में भेजा है। वहीं, ठाकरे गुट ने भारती ताजनपुरे और योगेश गाडेकर को नियुक्त किया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस के साथ गठबंधन करने वाले निर्दलीय पार्षद मुकेश शहाणे को भी पहली बार स्थायी समिति में स्थान मिला है।
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नगर निगम के इतिहास में संभवतः पहली बार स्थायी समिति में महिलाओं की संख्या पुरुषों से दोगुनी हो गई है। 16 सदस्यीय समिति में 10 महिला सदस्य हैं, जबकि पुरुषों की संख्या केवल 6 रह गई है। भाजपा की ओर से 6 महिलाएं, शिंदे गुट से 3 और ठाकरे गुट से 1 महिला सदस्य नियुक्त की गई हैं।
इन नियुक्तियों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि अब नासिक नगर निगम में भाजपा के साथ शिंदे गुट और राष्ट्रवादी के अलावा मनसे और निर्दलीय सदस्य भी सत्ता का हिस्सा बन गए हैं। वर्तमान स्थिति में अब केवल ठाकरे गुट और कांग्रेस ही विपक्ष की भूमिका में शेष रह गए हैं। नवनियुक्त सदस्यों का महापौर हिमगौरी आडके और उपमहापौर विलास शिंदे ने सत्कार किया।