महाराष्ट्र को मिला 19,142 करोड़ का तोहफा: नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट कॉरिडोर से कम हाेगा 17 घंटे सफर
Nashik News: नासिक से अक्कलकोट अब सिर्फ कुछ घंटों की दूरी पर! 19,142 करोड़ की नई कॉरिडोर परियोजना से सफर होगा आसान और व्यापार को मिलेगी नई रफ़्तार। पूरी प्रोजेक्ट रिपोर्ट यहाँ विस्तार से पढ़ें।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Solapur Akkalkot Corridor Project: महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने महत्वाकांक्षी ‘नासिक-सोलापुर-अक्कलकोट कॉरिडोर’ को मंजूरी दे दी है। लगभग 19,142 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना न केवल सड़कों का जाल बिछाएगी, बल्कि नासिक और सोलापुर जिलों के बीच आर्थिक, सामाजिक और धार्मिक संबंधों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगी।
धार्मिक पर्यटन के लिए वरदान: दूरी होगी आधी
नासिक और अक्कलकोट, दोनों ही शहर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। नासिक और त्र्यंबकेश्वर में जहां भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग और पंचवटी के दर्शन हेतु देश भर से भक्त आते हैं, वहीं अक्कलकोट स्वामी समर्थ महाराज के भक्तों का प्रमुख तीर्थ स्थल है। वर्तमान में नासिक से अक्कलकोट की यात्रा काफी थकाऊ और समय लेने वाली है।
इस 374 किलोमीटर लंबे और छह लेन के कॉरिडोर के बनने से नासिक और अक्कलकोट के बीच की दूरी में 201 किलोमीटर की भारी कमी आएगी। सबसे चौंकाने वाली बात समय की बचत है; जहां अभी इस सफर में लगभग 31 घंटे का समय लगता है, वहीं कॉरिडोर पूरा होने के बाद यात्री महज 14 घंटे में यह सफर तय कर सकेंगे। यानी सीधे तौर पर 17 घंटे की बचत होगी, जिससे ईंधन और समय दोनों का संरक्षण होगा।
सम्बंधित ख़बरें
नासिक में रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा: पानी भरी बाल्टी में डूबने से 1 साल की मासूम हिंदवी की दर्दनाक मौत
दिल्ली जिमखाना क्लब खाली करने के आदेश पर कर्मचारियों का छलका दर्द, बोले- इस उम्र में नौकरी कहां मिलेगी…?
नासिक में 7/12 उतारे में नाम चढ़ाने के लिए 5 हजार रिश्वत लेते पटवारी रंगेहाथ गिरफ्तार, गाड़ी से फेंके पैसे
नासिक के मनमाड, देवला और पेठ निकाय उपचुनाव के लिए 20 जून को मतदान, चुनाव आयुक्त दिनेश वाघमारे ने की समीक्षा
गति शक्ति मास्टर प्लान: एक्सप्रेसवे का बनेगा महाजाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘गति शक्ति’ मास्टर प्लान के तहत तैयार किया जा रहा यह कॉरिडोर कनेक्टिविटी का एक हब बनेगा। यह केवल एक सड़क नहीं है, बल्कि यह दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और आगरा-मुंबई हाईवे (NH-3) जैसे प्रमुख राष्ट्रीय मार्गों को आपस में जोड़ेगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नासिक जिले के पंगरी में इसे ‘समृद्धि महामार्ग’ से जोड़ा जाएगा। भविष्य में यह कॉरिडोर वधावन पोर्ट (Vadhavan Port) से भी कनेक्ट होगा, जिससे नासिक का सीधा संपर्क अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों से हो जाएगा।
यह भी पढ़ें:- Pune Metro Line 3: स्टेशनों का काम अंतिम चरण में, जानिए कब शुरू होगी यात्री सेवा
औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को मिलेगा बड़ा बूस्ट
इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ नासिक, अहिल्यानगर (अहमदनगर) और सोलापुर जिलों के किसानों और उद्यमियों को मिलेगा। नासिक को महाराष्ट्र की ‘वाइन कैपिटल’ और ‘सब्जियों का कटोरा’ कहा जाता है। छह लेन के इस सुगम मार्ग के जरिए किसान अपनी उपज, विशेष रूप से अंगूर और सब्जियां, कम समय में सोलापुर और दक्षिण भारत के बाजारों तक पहुँचा सकेंगे। इसके साथ ही, नासिक के औद्योगिक क्षेत्रों (MIDC) के उत्पादों के परिवहन के लिए भी यह मार्ग एक लाइफलाइन साबित होगा।
लोकल इकॉनमी के लिए नई उम्मीद
19,142 करोड़ रुपये का यह निवेश स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों अवसर पैदा करेगा। राजमार्ग के किनारे नए लॉजिस्टिक पार्क, होटल और पर्यटन केंद्र विकसित होने की संभावना है। औद्योगिक और वाणिज्यिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट नासिक के विकास के लिए वास्तव में एक ‘गेमचेंजर’ साबित होगा, जो शहर को अगले दशक की आर्थिक महाशक्ति बनाने में मदद करेगा।
