मुस्लिम समुदाय को दिया गया 5 प्रतिशत आरक्षण रद्द, सरकार के फैसले के खिलाफ याचिका दायर
Muslim Reservation Cancelled: मुस्लिम समुदाय के 5% आरक्षण को रद्द करने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है, जिस पर जल्द सुनवाई की मांग की गई है।
- Written By: आंचल लोखंडे
Maharashtra reservation controversy (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bombay High Court Petition: मुस्लिम समुदाय को दिए गए 5 प्रतिशत आरक्षण को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है। एडवोकेट एजाज नक़वी ने इस संबंध में याचिका दायर करते हुए सरकार के निर्णय को रद्द करने की मांग की है। याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि आखिर अचानक राज्य सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में मुस्लिम समुदाय को दिया गया 5 प्रतिशत आरक्षण क्यों समाप्त कर दिया।
याचिका को सोमवार को बॉम्बे हाई कोर्ट में मेंशन किया जाएगा और जल्द सुनवाई की मांग की जाएगी। मंगलवार को सोशल जस्टिस एंड स्पेशल असिस्टेंस विभाग ने सरकारी आदेश जारी कर शैक्षणिक संस्थानों तथा सरकारी और अर्ध-सरकारी नौकरियों में सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुसलमानों को दिया जाने वाला 5 प्रतिशत आरक्षण रद्द कर दिया। साथ ही मुस्लिम समुदाय के लिए जारी किए जा रहे जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया पर भी रोक लगा दी गई है।
अबू आज़मी ने क्या कहा
इस घटनाक्रम के बाद राज्य में राजनीतिक माहौल गरमाने की संभावना जताई जा रही है। पूर्व मंत्री अबू आज़मी ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सरकार मुसलमानों के खिलाफ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार दावा कर रही है कि कानून रद्द किया गया है, जबकि ऐसा कोई कानून बना ही नहीं था और समाज को गुमराह किया जा रहा है।
सम्बंधित ख़बरें
इस्तीफा वापस लेने की कोशिश बेअसर! सहकारी बैंक चुनाव पर रोक से HC का इनकार, पूर्व अध्यक्ष को नहीं मिली राहत
Bhandup Water Treatment Project पर सवाल, सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव स्थायी समिति में रद्द
महाराष्ट्र में मातृ-शिशु मृत्यु पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हर मौत की होगी गहन जांच
Maharashtra ST EV Bus: एसटी की ईवी बस परियोजना पर बढ़ा विवाद, तय समय में नहीं मिली 1,288 बसें
सरकार के आदेश में कहा गया है कि 23 दिसंबर 2014 को मुस्लिम समुदाय को दिया गया आरक्षण निरस्त कर दिया गया है। इसके बाद भी जारी किए जा रहे जाति प्रमाणपत्रों के वितरण और वैधता प्रक्रिया पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
ये भी पढ़े: वेल्स संसद में शाश्वत विकास पर चर्चा, भविष्योन्मुखी नीतियों पर गोर्हे ने रखे अहम विचार
कुल आरक्षण 73 प्रतिशत तक पहुंच गया था
उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में हार के बाद आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने मराठा और मुस्लिम आरक्षण को लेकर निर्णय लिया था।
सरकार ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में मराठा समुदाय के लिए 16 प्रतिशत और मुस्लिम समुदाय के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण की घोषणा की थी, जिससे राज्य में कुल आरक्षण 73 प्रतिशत तक पहुंच गया था। उस समय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री नसीम खान ने कैबिनेट बैठक में मुस्लिम समुदाय के लिए 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखा था, जिसे मंजूरी दे दी गई थी।
