Amravati Traffic Branch (सौजन्य-नवभारत)
Amravati Traffic Branch News: अमरावती जिले के ग्रामीण क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद के निर्देशानुसार जिले के विभिन्न दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) का संयुक्त निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक उपायों की कार्यवाही प्रारंभ कर दी गई है। माहुली जहांगीर से वरुड तक 10 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए है।
समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक ने जिला यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक नितिन देशमुख को निर्देश दिए थे कि वे संबंधित थाना प्रभारियों एवं संबंधित विभाग के उपविभागीय अभियंताओं के साथ दुर्घटना संभावित स्थलों का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करें तथा दुर्घटनाएं रोकने के लिए ठोस उपाय सुझाएं, देशमुख ने कु-हा थाना क्षेत्र के कौंडण्यपुर वाय पॉइंट का निरीक्षण
उप उपविभागीय अभियंता विनोद बोरसे एवं थाना प्रभारी सचिन पवार के साथ किया। यहां सड़क की संरचना, संकेतक, गति नियंत्रण उपाय और दृश्यता संबंधी पहलुओं की समीक्षा की गई। चांदूर रेलवे थाना क्षेत्र के विठोबा सावंगा फाटा तथा सातेफल फाटा का निरीक्षण थाना प्रभारी अजय आकरे एवं सार्वजनिक निर्माण विभाग, चांदुर रेलवे की उपविभागीय अभियंता मनीषा खारिया के साथ किया गया। इन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, स्पीड ब्रेकर, रंबल स्ट्रप एवं सड़क चौड़ीकरण जैसे उपायों पर चर्चा की गई।
जिला यातायात शाखा अमरावती ग्रामीण की ओर से नागरिकों से यातायात नियमों का पालन करें, वाहन तेज गति से न चलाएं, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट का अनिवार्य उपयोग करें तथा रंबल सट्रिप और मोड़ों पर वाहन की गति नियंत्रित रखने की अपील की। साथ ही यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी गई है।
यह संपूर्ण अभियान पुलिस अधीक्षक विशाल आनंद, अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी संतोष खांडेकर के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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वरुड थाना क्षेत्र के वरुड-राजुरा बाजार मार्ग पर शिवाई बस और ऑटो के बीच हुए गंभीर हादसे के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके का दौरा किया। इस दौरान अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमावत, मोर्शी उपविभाग के एसडीपीओ संतोष खांडेकर, वरुड थाना प्रभारी अर्जुन ठोसरे, पुलिस निरीक्षक नितीन देशमुख तथा राष्ट्रीय महामार्ग अमरावती विभाग की उप अभियंता आकांक्षा काले उपस्थित थे।
अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों का विश्लेषण कर भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं यातायात संबंधी उपायों पर विस्तृत चर्चा की अमरावती ग्रामीण क्षेत्र में माहुली से वरुड तक राष्ट्रीय महामार्ग क्रमांक 353 पर स्थित कुल 10 दुर्घटना संभावित स्थलों की संयुक्त रूप से जांच की गई। निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति, मोड़ों की बनावट, संकेतकों की उपलब्धता, प्रकाश व्यवस्था एवं गति नियंत्रण उपायों का आकलन किया गया। उप अभियंता आकांक्षा काले ने आवश्यक सुधारात्मक कार्य शीघ्र पूर्ण करने का आश्वासन दिया।