नागरिकों के हाथों में होगा उनके डेटा का अधिकार, जनता-केंद्रित है डीपीडीपी कानून: ब्रिजेश सिंह
Brijesh Singh: डीपीडीपी कानून 2023 पर ब्रिजेश सिंह ने कहा कि यह कानून नागरिकों को उनके डेटा पर पूर्ण अधिकार देता है और मई 2027 से लागू होकर डेटा सुरक्षा को मजबूत करेगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
DPDP Act 2023 (सोर्सः सोशल मीडया)
Mumbai News: सूचना एवं जनसंपर्क महासंचालनालय के प्रधान सचिव तथा महासंचालक ब्रिजेश सिंह ने शुक्रवार को कहा कि डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (डीपीडीपी) कानून, 2023 पूरी तरह नागरिक-केंद्रित है। इस कानून के तहत हर नागरिक को अपनी व्यक्तिगत जानकारी सुरक्षित रखने का अधिकार मिलेगा और बिना उनकी सहमति के किसी भी जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकेगा।
मंत्रालय के परिषद सभागार में भारतीय लोक प्रशासन संस्था द्वारा आयोजित प्रशिक्षण वर्ग में ‘डीपीडीपी कानून, 2023 और सरकारी अधिकारियों की भूमिका एवं जिम्मेदारियां’ विषय पर प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह ने मार्गदर्शन किया। इस अवसर पर संस्था के अध्यक्ष स्वाधीन क्षत्रिय और मानद कोषाध्यक्ष विनायक देवधर भी मंच पर उपस्थित थे।
साइबर अपराध से बड़ी चुनौती
प्रधान सचिव ब्रिजेश सिंह ने बताया that दुनिया में साइबर अपराध के माध्यम से तैयार हुई अर्थव्यवस्था भारत की जीडीपी से दोगुनी हो चुकी है। इस आंकड़े से साइबर अपराध की विशालता का अंदाजा लगाया जा सकता है। नए डीपीडीपी कानून से नागरिकों की जानकारी सुरक्षित होगी और उसके व्यावसायिक दुरुपयोग पर रोक लगेगी। हालांकि सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए इस जानकारी का सीमित उपयोग कर सकेगी।
सम्बंधित ख़बरें
मुंबई के शिवाजी पार्क में सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच छात्र जुटना शुरू, एक मंच पर साथ दिखेंगे उद्धव और राज
महाराष्ट्र में 15 से ज्यादा कॉस्मेटिक उत्पादों पर FDA की बड़ी कार्रवाई, पारा-सीसा मिलने के बाद बिक्री पर रोक
88 करोड़ निवेश घोटाले का मुख्य आरोपी यूएई से भारत प्रत्यर्पित, CBI इंटरपोल की बड़ी कार्रवाई
16.96 लाख किसानों के लिए बड़ी राहत, कर्जमुक्ति योजना की तीसरी सूची जारी, सहकार मंत्री ने दी जानकारी
मई 2027 से होगा लागू
यह कानून मई 2027 से प्रभावी होगा। इससे पहले विभिन्न विभागों को अपनी कार्यान्वयन प्रणाली तैयार करने का समय दिया गया है। कानून लागू होने के बाद किसी भी नागरिक की व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया, ईमेल आदि के माध्यम से साझा नहीं की जा सकेगी। ‘डेटा ब्रीच’ होने पर संबंधितों पर जुर्माना लगाया जाएगा।
सहमति और सीमा होगी अनिवार्य
प्रधान सचिव ने स्पष्ट किया कि कोई भी जानकारी लेने से पूर्व संबंधित नागरिक को पूर्व सूचना देना अनिवार्य होगा और उसकी सहमति से ही डेटा का उपयोग किया जा सकेगा। जानकारी केवल उसी उद्देश्य के लिए उपयोग में लाई जाएगी, जिसके लिए वह ली गई हो।
ये भी पढ़े: Amravati News: शिवसेना शिंदे, उबाठा व बसपा ने बनाया गुट, शिंदे-उबाठा समीकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं
व्यक्तिगत जानकारी साझा नहीं होगी, हालांकि समग्र सांख्यिकीय आंकड़े प्रदान किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण वर्ग संवादात्मक रूप में आयोजित किया गया, जिसमें अधिकारियों के प्रश्नों का समाधान किया गया और अंत में कानून पर आधारित प्रश्नावली भी प्रस्तुत की गई। अध्यक्ष स्वाधीन क्षत्रिय ने प्रशिक्षण वर्ग के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए आभार व्यक्त किया।
