'सावाना' में किताबों की किल्लत, कागज पर 18% जीएसटी से पुस्तकों की छपाई पर ब्रेक से लाइब्रेरी और प्रकाशक परेशान

Nashik News: कागज पर जीएसटी 18% होने से महाराष्ट्र के 11 हजार ग्रंथालय संकट में हैं। किताबें महंगी, खरीद घटी और प्रकाशकों ने उत्पादन कम किया, जिससे वाचन संस्कृति और पाठकों की जेब पर सीधा असर पड़ा है।
Books are scarce in Savannah, with libraries and publishers worried about the break in printing due to the 18% GST on paper
printing cost GST (सौजन्य- AI Generated Photo)
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Nashik Libraries Crisis News: डिजिटल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच एक ओर वाचन संस्कृति को बचाए रखना पहले से ही चुनौतीपूर्ण था, वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार द्वारा वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) में किए गए बदलाव ने नई मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। सितंबर 2025 से कागज पर जीएसटी की दर 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 18 प्रतिशत कर दी गई है। इस वृद्धि के कारण सार्वजनिक पुस्तकालयों के लिए नई पुस्तकें खरीदना कठिन हो गया है, जबकि प्रकाशकों ने पुस्तक निर्माण पर कटौती शुरू कर दी है।

पुस्तकालयों की खरीद क्षमता पर असर

महाराष्ट्र में कुल 11,150 शासनमान्य ग्रंथालय कार्यरत हैं, जिनमें लगभग 7।17 करोड़ से अधिक पुस्तकें उपलब्ध हैं। नाशिक जिले की स्थिति पर गौर करें तो नाशिक के 185 वर्ष पुराने 'सार्वजनिक वाचनालय' (सावाना) को अब पुस्तक खरीद में कटौती करनी पड़ रही है। पहले जहां एक बार में 100 पुस्तकें खरीदी जाती थीं, अब वह संख्या घटकर 80 रह गई है। जिले के कुल 255 ग्रंथालयों को इसी तरह के वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि किताबों की कीमतें बढ़ गई हैं।

महाराष्ट्र के 11 हजार ग्रंथालयों पर संकट

मराठी प्रकाशक संगठन के अनुसार, सरकार ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को राहत दी लेकिन ज्ञान के प्रसार में सहायक पुस्तकों पर कर बढ़ा दिया। नाशिक मराठी प्रकाशक संगठन के अध्यक्ष विलास पोतदार ने कहा कि डिजिटल माध्यमों के कारण पहले ही छोटी किताबों का चलन बढ़ा था, अब 18 प्रतिशत जीएसटी ने पुस्तक निर्माण की संख्या को और घटा दिया है। सावाना के ग्रंथ सचिव देवदत्त जोशी ने सुझाव दिया है कि सभी पुस्तकालयों को एकजुट होकर सरकार से कागद पर जीएसटी को 5 प्रतिशत तक सीमित करने की मांग करनी चाहिए, ताकि वाचन संस्कृति को जीवित रखा जा सकें।

पुस्तक निर्माण पर टैक्स का असर

मद जीएसटी (GST) दर प्रभाव
कागद (Paper) 18% छपाई लागत में वृद्धि
छपाई में वृद्धि 5% अतिरिक्त वित्तीय बोझ
दीपावली अंक 30 से 50 रुपये की वृद्धि, पाठकों की जेब पर सीधा असर

अपडेट न देने पर रुकेगा वेतन

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया 'है कि यदि निजी अनुदानित स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों ने 15 फरवरी तक 'शालार्थ' पोर्टल पर अपने आवश्यक दस्तावेज अपलोड नहीं किए, तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा। प्रशासन ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं।

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