नासिक में ‘नॉर्थईस्ट कनेक्ट’ अभियान सफल, पुलिस-जन संवाद से बढ़ा भरोसा
Nashik News: नासिक में गणतंत्र दिवस पर पुलिस के नॉर्थईस्ट कनेक्ट अभियान में पूर्वोत्तर छात्रों व नागरिकों ने भाग लिया, सुरक्षा सेवाओं की जानकारी मिली और संवाद से भरोसा व सद्भाव मजबूत हुआ है।
- Written By: रूपम सिंह
नासिक पुलिस (सौजन्य-नवभारत)
Nashik Police News: महाराष्ट्र राज्य पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार गणतंत्र दिवस के अवसर पर 26 जनवरी को राज्यभर में ‘नॉर्थईस्ट कनेक्ट’ उपक्रम सफलतापूर्वक लागू किया गया। नासिक शहर पुलिस आयुक्तालय के अंतर्गत सभी पुलिस थानों में इस पहल को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किया गया, जिसे व्यापक और उत्साहजनक जन-सहभागिता मिली।
शहर में शिक्षा और रोजगार के लिए निवास कर रहे पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण समारोह सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों से सीधे संवाद कर अपने अनुभव साझा किए।
सुरक्षा प्रणालियों की दी जानकारी
संवाद के दौरान पुलिस ने छात्रों की समस्याएं सुनीं और उन्हें पूर्ण सहयोग व सुरक्षा का आश्वासन दिया। साथ ही, नागरिकों को पुलिस की अत्याधुनिक सेवाओं से अवगत कराया गया, जिनमें शामिल हैं।
सम्बंधित ख़बरें
‘आधे इधर जाओ, आधे उधर जाओ…’ स्थापना दिवस पर एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे को बताया शोले का जेलर, दी खुली चुनौती
शिंदे ने खुद को बताया टाइगर तो ठाकरे बोले गद्दार, जानें शिवसेना के दो स्थापना दिवस समारोहों में क्या-क्या हुआ?
अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को मिलेगा विदेश में उच्च शिक्षा का अवसर, जानें कबतक कर सकेंगे आवेदन…
‘मैं डॉक्टर नहीं, लेकिन ऑपरेशन करता रहता हूं…’ एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी और उद्धव गुट को आड़े हाथों लिया
आपातकालीन सेवाएं: डायल-112 और सीपी व्हाट्सएप सेवा
सुरक्षा तंत्र: सीसीटीवी निगरानी प्रणाली और पुलिस नियंत्रण कक्ष की कार्यप्रणाली
विशेष दस्ते: दामिनी पथक, निर्भया पथक और शोहदों के विरुद्ध कार्रवाई
सामाजिक पहल: मॉर्निंग वॉक उपक्रम और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष कार्यक्रम
यह भी पढ़ें:- नासिक के मनमाड में वाइन शॉप चोरी की वारदात, चोरों ने नकदी और महंगी विदेशी शराब पर किए हाथ साफ
विश्वास बहाली की दिशा में बड़ा कदम
नासिक शहर के पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक और विभिन्न थानों के प्रभारियों ने स्वयं छात्रों और नागरिकों से प्रत्यक्ष चर्चा की। विद्यार्थियों की ओर से इस पहल पर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर राज्यों के नागरिकों की उपस्थिति से समाज में अपनेपन और सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई।
