117 दिन के संघर्ष के बाद समग्र शिक्षा के संविदा कर्मचारियों की बड़ी जीत, समायोजन का शासनादेश जारी
Bhandara Employee Regularization: राज्य सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के 3,378 संविदा कर्मचारियों के अधिसंख्य पदों पर समकक्ष वेतनमान के साथ समायोजन का शासनादेश जारी किया है।
- Written By: आंचल लोखंडे
संविदा कर्मचारियों का समायोजन- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Bhandara Samagra Shiksha Contract Employees: समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत कार्यरत संविदा कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए उन्हें अधिसंख्य पदों पर समकक्ष वेतनमान के साथ शासकीय सेवा में समायोजित करने का शासनादेश जारी किया है।
4 अगस्त 2026 को जारी इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्यभर के 3,378 संविदा कर्मचारियों को लाभ मिलेगा, जबकि भंडारा जिले के 67 कर्मचारियों को भी इसका सीधा फायदा होगा। यह निर्णय कर्मचारियों के 117 दिनों तक चले आंदोलन और संघर्ष के बाद लिया गया है। लंबे समय से नियमितीकरण और सेवा सुरक्षा की मांग कर रहे कर्मचारियों के लिए इसे ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।
3,378 संविदा कर्मियों का होगा समायोजन
सरकार के इस निर्णय से साधन व्यक्ति, डेटा एंट्री ऑपरेटर, एमआईएस कोऑर्डिनेटर, कनिष्ठ अभियंता, कैशियर, सहायक कार्यक्रम अधिकारी और कंप्यूटर प्रोग्रामर सहित विभिन्न पदों पर कार्यरत संविदा कर्मचारियों को समकक्ष वेतनमान के साथ अधिसंख्य पदों पर समायोजित किए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। भंडारा जिले में करीब 24 वर्षों से सेवाएं दे रहे 67 संविदा कर्मचारियों को इस फैसले से विशेष राहत मिलेगी।
सम्बंधित ख़बरें
Chandrapur News: ब्रह्मपुरी का श्मशान घाट खुद गिन रहा आखिरी सांस, जर्जर खंभे बने हादसों का सबब
गांधी के हत्यारों और आंबेडकर के विरोधियों से हमें संविधान का पाठ नहीं चाहिए.. अभिजीत दीपके का RSS पर तीखा हमला
Amravati News: प्रेमिका और परिजनों ने किया प्रताड़ित, युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, छोड़ गया सुसाइड नोट
कौन थे DY Patil? खुद इंजीनियर नहीं बने पर, लाखों इंजीनियरों का सपना किया पूरा, खड़ा किया सबसे बड़ा एजुकेशन हब
ये भी पढ़े: नालासोपारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया कजरी महोत्सव; संजोली पांडे के गीतों से शिवमय हुआ माहौल
सरकार के निर्णय का कर्मचारियों ने किया स्वागत
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा शिक्षा मंत्री दादासाहेब भुसे द्वारा लिए गए इस निर्णय का समग्र शिक्षा के कर्मचारियों ने स्वागत किया है। कर्मचारियों ने कहा कि यह केवल नौकरी का नहीं, बल्कि 117 दिनों तक चली एकजुटता, धैर्य और निरंतर संघर्ष की जीत है, जिसने हजारों परिवारों को सम्मान और सेवा सुरक्षा का नया विश्वास दिया है।
