civic issues Nashik (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Corporation: पिछले चार वर्षों से जारी प्रशासकीय शासन के बाद शहर के नागरिक मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई मनपा की विशेष आम सभा के हंगामेदार रहने के संकेत मिल रहे हैं। शुक्रवार, 6 मार्च को दोपहर 12 बजे इस सभा का आयोजन किया गया है। नव निर्वाचित नगरसेवकों की यह पहली विशेष सभा होने के कारण राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर काफी उत्सुकता देखी जा रही है।
मनपा चुनाव के बाद महापौर और उपमहापौर का चुनाव, स्थायी समिति के सदस्यों की नियुक्ति तथा नियमित मासिक सभाएं आयोजित हो चुकी हैं, लेकिन नागरिक समस्याओं पर केंद्रित स्वतंत्र विशेष आम सभा पहली बार आयोजित की जा रही है। ऐसे में शहर के लंबित मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद जताई जा रही है।
सभा के एजेंडे में शहर की खराब सड़कों की स्थिति, जगह-जगह बने गड्ढे, बाधित जलापूर्ति तथा चल रहे विकास कार्यों के कारण नागरिकों को हो रही परेशानियां प्रमुख रूप से शामिल हैं। आगामी कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में शहर में विभिन्न विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। इन कार्यों के लिए कई सड़कों की खुदाई की गई है, लेकिन काम अधूरा रहने से यातायात जाम, धूल और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
वहीं बारिश के बाद अधिकांश सड़कों की मरम्मत नहीं होने से गड्ढों की समस्या गंभीर हो गई है, जिससे नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है। दूसरी ओर शहर के कई क्षेत्रों में अनियमित जलापूर्ति को लेकर शिकायतें बढ़ी हैं। कहीं कम दबाव से पानी मिल रहा है तो कहीं बार-बार जलापूर्ति बाधित हो रही है, जिससे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस पृष्ठभूमि में नगरसेवकों द्वारा प्रशासन से कड़े सवाल पूछे जाने की संभावना जताई जा रही है। नागरिक समस्याओं की प्रत्यक्ष जानकारी रखने वाले नगरसेवक सभागृह में आक्रामक भूमिका अपनाने के मूड में हैं और प्रशासन के कामकाज पर तीखी आलोचना होने की संभावना है। ऐसे में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस के साथ-साथ प्रशासन बनाम जनप्रतिनिधि का टकराव भी देखने को मिल सकता है।
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मनपा के 122 सदस्यीय सभागृह में भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के कुल 104 नगरसेवक सत्तापक्ष में हैं, जबकि ठाकरे गुट और कांग्रेस के 18 सदस्य विपक्ष में हैं। हालांकि नागरिक मुद्दों पर दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी नगरसेवकों द्वारा प्रशासन को घेरने की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसे में शुक्रवार को होने वाली विशेष आम सभा राजनीतिक रूप से गरमाने और चर्चा के केंद्र में रहने के संकेत दे रही है।