इंदापुर पंचायत समिती में राष्ट्रवादी कांग्रेस का क्लीन स्वीप, भाजपा शून्य; सभापति पद की 3 दिग्गजों में टक्कर

Pune News: इंदापुर पंचायत समिति की सभी 16 सीटों पर राष्ट्रवादी कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत। अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सभापति पद हेतु अनिता सोनवणे, हर्षवर्धन लोंढे और ज्योत्स्ना सुरुडकर के बीच मुकाबला।
NCP sweeps all 16 seats in Indapur Panchayat Samiti, leaving BJP at zero. Race intensifies for the SC-reserved Chairman post among three prominent candidates.
इंदापुर पंचायत हर्षवर्धन पाटिल और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे (फोटो-सोशल मीडिया)
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Indapur Panchayat Samiti Election: पुणे इंदापुर पंचायत समिती चुनाव में भाजपा को शून्य पर समेटकर राष्ट्रवादी कांग्रेस ने सभी 16 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पूर्व मंत्री हर्षवर्धन हर्षवर्धन पाटिल और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे के नेतृत्व में मिली इस सफलता के बाद अब सभापति पद के लिए हलचल तेज हो गई है।

अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस पद हेतु अनिता नंदकुमार सोनवणे (वालचंदनगर), हर्षवर्धन मधुकर लोंढे (लासुर्णे) और ज्योत्स्ना मोहन सुरुडकर (सणसर) के नामों की जोरदार चर्चा है। सणसर और वालचंदनगर जैसे गढ़ों में 'घड़ी' की इस एकतरफा जीत ने साबित कर दिया है कि राजनीति अब राष्ट्रवादी के अधीन है।

सभापति पद के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 3 दिग्गजों में कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। चूंकि इस बार सभापति का पद अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित है। वर्तमान में तीन प्रमुख नाम चर्चा के केंद्र में हैं। इनमें अनिता नंदकुमार सोनवणे (वालचंदनगर गण) का नाम आगे है, जिन्हें पूर्व सभापति नंदकुमार सोनवणे की पत्नी होने की विरासत हासिल है। वहीं, हर्षवर्धन मधुकर लोंढे (लासुर्णे गण) अपनी युवा सक्रियता के कारण एक सशक्त विकल्प के रूप में उभर रहे हैं।

अनुभव व आरक्षण का दिख रहा दिलचस्प मेल

आरक्षण की बारीकियों को देखें तो वालचंदनगर और सणसर गण 'अनुसूचित जाति महिला' वर्ग के लिए आरक्षित हैं, जबकि लासुर्ण गण 'अनुसूचित जाति' (सामान्य) के अंतर्गत आता है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि अनिता सोनवणे के पास उनके पति का पिछला अनुभव एक 'प्लस पॉइंट' साबित हो सकता है। पार्टी आलाकमान ऐसे व्यक्ति को मौका देना चाहता है जो इस विशाल जनादेश को संभाल सके और तहसील के विकास कार्यों को गति दे सके। कार्यकर्ताओं के बीच इस बात को लेकर भी उत्सुकता है कि उपसभापति पद की लॉटरी किसके नाम खुलेगी।

इंदापुर के विकास को अब मिलेगी नई दिशा

  • राष्ट्रवादी कांग्रेस की इस प्रचंड जीत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इंदापुर में विकास और नेतृत्व के प्रति जनता का रुख क्या है।
  • अब गेंद पार्टी नेतृत्व के पाले में है कि वे इन तीन चर्चित नामों में से किसे चुनते हैं।
  • सभापति के चयन के साथ ही इंदापुर पंचायत समिती में एक नए युग की शुरुआत होगी।
  • विपक्ष की अनुपस्थिति में सत्ताधारी दल पर जनता की उम्मीदों का भारी बोझ होगा, जिसे पूरा करना नए सभापति के लिए पहली प्राथमिकता होगी।
  • आने वाले कुछ दिनों में होने वाली आधिकारिक घोषणा पर पूरे जिले की नजरें टिकी हुई हैं।
  • इंदापुर पंचायत समिति में राष्ट्रवादी का 'क्लीन स्वीप': भाजपा शून्य पर सिमटी; सभापति पद के लिए इन 3 दिग्गजों में मची होड़
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