
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Municipal Election: नासिक महानगरपालिका चुनाव के लिए बिसात बिछ चुकी है। उम्मीदवारों की स्थिति साफ होने के बाद अब प्रचार कार्यालयों के उद्घाटन और रैलियों का दौर शुरू हो गया है। हालांकि, इस बार राकांपा (अजित पवार गुट) के लिए प्रचार मैदान थोड़ा अलग होगा।
पार्टी के दिग्गज नेता और मंत्री छगन भुजबल के साथ-साथ पूर्व मंत्री माणिक कोकाटे बीमारी के चलते इस चुनावी कैंपेन में सक्रिय रूप से हिस्सा नहीं ले पाएंगे। इन दो बड़े चेहरों की कमी को देखते हुए अब राकांपा का पूरा फोकस उपमुख्यमंत्री अजित पवार की सभाओं पर रहेगा।
सत्ताधारी गठबंधन (महायुति) ने नासिक में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने विजय संकल्प रैली के साथ अभियान की शुरुआत कर दी है।
मंत्री गिरीश महाजन खुद नासिक में डेरा डाले हुए हैं और चुनावी रणनीति की कमान संभाले हुए हैं। आने वाले दिनों में उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की बड़ी जनसभाएं आयोजित की जाएगी।
वहीं, शिवसेना (शिंदे गुट) की ओर से मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे 12 जनवरी को एक बड़ी सभा को संबोधित करेंगे। उनके साथ मंत्री दादा भुसे, गुलाबराव पाटिल और सांसद श्रीकांत शिंदे भी मैदान में उतरेंगे, विधायक किशोर दराडे और सुहास कांदे को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
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राकांपा की ओर से भुजबल और कोकाटे की अनुपस्थिति में मंत्री नरहरी झिरवाल मोर्चा संभाले हुए हैं। उनके साथ ही धनंजय मुंडे, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की मीटिंग्स भी प्लान की जा रही है।
दूसरी ओर, महाविकास अघाड़ी में भी हलचल तेज है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे की सभाओं को लेकर योजना बनाई जा रही है।
हालांकि, कांग्रेस और राकांपा (शरद चंद्र पवार गुट) के स्टार प्रचारकों के नाम अभी अंतिम रूप से तय होना बाकी हैं। सभी दल अब मतदाताओं को लुभाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रहे हैं।






