कालाराम मंदिर तक अंडरग्राउंड केबलिंग! रामकल पथ प्रोजेक्ट से बदलेगा नाशिक का चेहरा

नासिक सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां तेज हो गई है। इसी सिलसिले में नासिक महानगरपालिका रामकल पथ परियोजना की शुरुआत करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कालाराम मंदिर तक अंडरग्राउंड केबलिंग की जाएगी।
नासिक सिंहस्थ कुंभ की तैयारियां तेज हो गई है। इसी सिलसिले में नासिक महानगरपालिका रामकल पथ परियोजना की शुरुआत करने जा रही है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत कालाराम मंदिर तक अंडरग्राउंड केबलिंग की जाएगी।
कालाराम मंदिर, नासिक (सौ. सोशल मीडिया )
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Nashik News In Hindi: आगामी सिंहस्थ कुंभमेले से पहले, नासिक महानगरपालिका रामकल पथ परियोजना का काम शुरू करने जा रही है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य मालेगांव स्टैंड से लेकर कालाराम मंदिर तक के क्षेत्र को एक नया रूप देना है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके।

रामकल पथ परियोजना के तहत, मालेगांव स्टैंड से सरदार चौक, संत गाडगे महाराज पुल और कालाराम मंदिर तक फैली 3 से 4 किलोमीटर लंबी हाई-टेंशन बिजली की लाइनों को जमीन के नीचे बिछाया जाएगा। इस कदम से इस पूरे इलाके को तारों के जंजाल से मुक्ति मिलेगी, जिसे 'स्काईलाइन फ्री' भी कहा जा रहा है। यह परियोजना गोदावरी नदी के क्षेत्र को और भी आकर्षक बनाएगी।

करोड़ों का निवेश

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए केंद्र सरकार के पर्यटन मंत्रालय ने 114।94 करोड़ की मंजूरी दी है, जिसमें से पहले चरण में 64 करोड़ का फंड स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने भी 50 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इस तरह, इस पूरे प्रोजेक्ट पर 114 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

भू-अधिग्रहण की चुनौती

रामकल पथ के निर्माण में सबसे बड़ी चुनौती भू-अधिग्रहण है। परियोजना के रास्ते में आने वाली कुछ पुरानी इमारतों, दुकानों और निजी संपत्तियों को हटाना होगा। मनपा ने इसके लिए नोटिस भी जारी कर दिए हैं। गंगाघाट और रामतीर्थ क्षेत्र की कुछ दुकानों को भी हटाया जाएगा, लेकिन सालों से वहाँ व्यवसाय कर रहे लोग इसका विरोध कर रहे हैं। प्रशासन इस मामले में भू-अधिग्रहण कानून का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहा है।

रामतीर्थ क्षेत्रों का किया जाएगा सौंदर्यीकरण

सौदर्यीकरणः सीता गुफा, कालाराम मंदिर, अहिल्यादेवी होलकर पुल, गांधी झील और रामतीर्थ क्षेत्रों का सौंदर्गीकरण किया जाएगा। भव्य प्रतिमा: गांधी झील और रामतीर्थ क्षेत्र में भगवान श्री राम की धनुष-बाण के साथ एक भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। अंडरग्राउंड केबलिंग: कालाराम मंदिर के आसपास के क्षेत्रों में बिजली के तारों को जमीन के नीचे ले जाया जाएगा। आकर्षण का केंद्र: टोक्लेश्वर पुल तक मूर्तियों, खंभे और विशेष लाइटिंग लगाई जाएगी।

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