Nashik Iran Israel War Impact ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Iran Israel War Impact: नासिक/मनमाड ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच जारी महायुद्ध की आंच अब नासिक के जनजीवन और अर्थव्यवस्था को झुलसा रही है। केंद्र सरकार द्वारा घरेलू गैस बचाने के लिए औद्योगिक और व्यावसायिक कोटे पर लगाए गए प्रतिबंध ने पूरे जिले के व्यापारिक समीकरण बिगाड़ दिए हैं। नासिक के एमआईडीसी क्षेत्रों से लेकर मनमाड के रेलवे जंक्शन तक, हर जगह गैस की किल्लत का हाहाकार मचा है।
मनमाड और नासिक के राजमागों पर स्थित लगभग 250 से अधिक होटल और ढाबों का संचालन अब असंभव होता जा रहा है। पुणे-इंदौर और नासिक-जलगांव हाईवे पर स्थित कई बड़े होटलों ने गैस के अभाव में शटर गिरा दिए हैं।
मनमाड रेलवे जंक्शन और शिरडी जाने वाले हजारों तीर्थयात्रियों को भोजन के लिए भटकना पड़ रहा है। शिरडी के महंगे होटलों से बचकर मनमाड रुकने वाले यात्रियों के लिए अब खाने का संकट खड़ा हो गया है।
नासिक आहार संगठन के अध्यक्ष संजय चव्हाण ने कहा कि यदि सरकार ने तत्काल न्यूनतम कोटा तय नहीं किया, तो पूरा फूड मार्केट पूरी तरह चरमरा जाएगा।
गैस संकट का सबसे भयानक असर नासिक के औद्योगिक क्षेत्रों में दिख रहा है। अंबड और सातपुर एमआईडीसी में गैस पर आधारित भट्टियां और मशीनें शांत पड़ रही हैं।
प्रभावित क्षेत्रः 1200 उद्योग (Ambad/Satpur) और 250+ होटल/ढावे।
दाम में उछालः घरेलू सिलेंडर 60 रुपये, कमर्शियल सिलेंडर +90 रुपये।
वेटिंग पीरियडः घरेलू गैस के लिए 30 दिनों का लंबा इंतजार।
बड़ी मांगः उद्योगों और होटलों के लिए गैस का एक सुरक्षित कोटा निर्धारित हो।
चेतावनीः कालाबाजारी करने वाली एजेंसियों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।
अनुमान है कि आपूर्ति बाधित होने से 1200 छोटे-बड़े उद्योगों के कामकाज पर सीधा असर पड़ेगा, जिससे हजारों श्रमिकों के रोजगार पर ललवार लटक गई है।
संकट के बीच शहर में कालाबाजारी और अवैध वसूली का खेल भी शुरू हो गया है। नासिक निवासी फकीर मोहम्मद शेख ने बताया कि 10 मार्च की बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिला और अब नई दरों पर ‘री-बुकिंग’ का दबाव बनाया जा रहा है।
अफवाहों से बढ़े। एक ओर जहां लोग परेशान है, वहीं अधिकारी स्थिति को सामान्य बता रहे है। जिले में कोई किल्लत नहीं है, नागरिक अफवाहों पर ध्यान न दे।
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– जिलाधिकारी, आयुष प्रसाद
किल्लत जैसी स्थिति नहीं है। अगर उपभोक्ताओं को परेशानी हो रही है, तो हम इसकी जांच कर उचित निर्देश देंगे वर्तमान में जिले में गैस की कोई वास्तविक किल्लत नहीं है। बाजार में केवल चचर्चाओं और अफवाहों के कारण है।
– प्रभारी आपूर्ति अधिकारी, सीमा अहिरे