फिर जलने लगे लकड़ी के चूल्हे, नासिक में गैस सिलेंडर संकट; बुकिंग के बाद 45 दिन में मिल रही डिलीवरी
Nashik LPG Crisis: नासिक में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में भारी देरी से उपभोक्ता परेशान हैं। सिलेंडर बुक करने के बाद डिलीवरी मिलने में करीब 45 दिन लग रहे हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
Nashik Gas Cylinder Delay( Source: Social Media )
Nashik Gas Cylinder Delay: नासिक शहर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की आपूर्ति में हो रहीं भारी देरी के कारण आम जनता को भीषण समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। नए नियमों और तकनीकी दिक्कतों के चलते एक सिलेंडर बुक करने के बाद उसे मिलने में लगभग 45 दिनों का समय लग रहा है।
जिससे गृहिणियों सहित पूरे परिवार का बजट और दिनचर्या बिगड़ गई है। रसोई गैस समय पर उपलब्ध न होने के कारण आधुनिक सुविधाओं से लैस आलीशान घरों में भी अब पारंपरिक चूल्हों का धुआं दिखाई देने लगा है।
मजबूरी में कई परिवारों को खाना पकाने के लिए लकड़ी के चूल्हों या अन्य वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है। पिछले कुछ दिनों से गैस वितरण प्रणाली में हो रहे इस विलंब को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं।
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नागरिकों का कहना है कि आधिकारिक तौर पर 45 दिनों की अवधि तय की गई है। लेकिन वास्तविक डिलीवरी मिलने में इससे भी अधिक समय लग रहा है।
बुकिंग में आ रही तकनीकी समस्याएं
गैस कंपनियों की बुकिंग प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी बाधाओं के कारण दूसरा सिलेंडर हाथ में आने तक लगभग दो महीने बीत जाते हैं। विशेष रूप से बड़े परिवारों के लिए स्थिति और भी विकट ही गई है, जहां एक महीने में ही एक सिलेंडर समाप्त हो जाता है।
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ऐसे में दैनिक भोजन पकाने की चिंता सताने लगी है। हालत यह है कि कई लोग पडोसियों से सिलेंडर उधार मांग रहे हैं, तो कई परिवारों को बाहर से खाना मंगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। गैस एजेंसियों की इस कछुआ चाल ने आम आदमी की रसोई का गणित पूरी तरह बिगाड दिया है।
