भंडारा: गैस एजेंसियों की मनमानी से उपभोक्ता बेहाल, ‘नो स्टॉक’ के बोर्ड पर उठे सवाल

गैस एजेंसियों की मनमानी से उपभोक्ता परेशान, स्टॉक खत्म होने का बहाना बनाकर लौटाए जा रहे हैं।
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Bhandara LPG Gas Shortage News: भंडारा जिले में पिछले 15 से 20 दिनों से रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर बना गतिरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक ओर जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग पर्याप्त और नियमित आपूर्ति के दावे कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है।

एजेंसियों पर आरोप है कि पर्याप्त स्टॉक होने के बावजूद उपभोक्ताओं को “नो स्टॉक” का हवाला देकर खाली हाथ लौटाया जा रहा है। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में नागरिकों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। भीषण गर्मी के बावजूद लोग सुबह से एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं।

स्थिति की विडंबना यह है कि कई उपभोक्ताओं को सिलेंडर वितरण का ओटीपी मिल चुका है, लेकिन एजेंसी या गोदाम पहुंचने पर उन्हें स्टॉक न होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। बुकिंग के कई दिन बीत जाने के बाद भी होम डिलीवरी सेवा ठप पड़ी है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

सूत्रों के अनुसार, सिलेंडर से भरे वाहनों को मुख्य गोदाम तक लाने के बजाय बीच रास्ते या सुनसान स्थानों पर रोककर ऊंचे दामों पर गुप्त रूप से वितरण किया जा रहा है। उपभोक्ताओं ने एजेंसियों पर कृत्रिम किल्लत पैदा करने का गंभीर आरोप लगाया है।

आपूर्ति अधिकारी की भूमिका पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में जिला आपूर्ति अधिकारी की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में है। कागजों पर आपूर्ति सुचारू दिखाने के बजाय प्रशासन को गैस गोदामों पर छापेमारी कर वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए।

होम डिलीवरी का ठप होना और नियमों के विरुद्ध सिलेंडर का गुप्त वितरण एजेंसियों की मनमानी को उजागर करता है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता का आक्रोश और बढ़ सकता है।

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