
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik World Bank Loan: नासिक आगामी सिंहस्थ कुंभमेला 2027 के लिए बुनियादी सुविधाओं के निर्माण हेतु नासिक महानगरपालिका ने वित्तीय मोर्चा खोल दिया है। 200 करोड़ रुपये के म्युनिसिपल बॉन्ड और 200 करोड़ रुपये के ग्रीन बॉन्ड के बाद अब मनपा ने विश्व बैंक से 850 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की तैयारी की है। केंद्र और राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है।
विश्व बैंक से मिलने वाले इस भारी-भरकम फंड का उपयोग शहर की जीवनरेखा माने जाने वाले जल और मल निकासी तंत्र को सुधारने के लिए किया जाएगा। शहर के नागरिकों को निरंतर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की योजना को गति दी जाएगी।
पानी की बांदी रोकने और सटीक बिलिंग के लिए अत्याधुनिक स्मार्ट मोटर लगाए जाएंगे। कुंभ मेले के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए ड्रेनेज और सीवरेज सिस्टम को पूरी तरह अपडेट किया जाएगा।
नगर निगम आयुक्त मनीषा खत्री ने बताया कि इस कर्ज की अंतिम शर्तों को लेकर विश्व बैंक के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस कर्ज की पुनर्भुगतान की गारंटी राज्य सरकार ले रही है, जिससे महानगरपालिका पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। मनपा ने पिछले साल अगस्त में इस संबंध में नगर विकास विभाग को प्रस्वव भेजा था। जिसे अब केंद्र के माध्यम से वैश्विक बैंकों तक पहुंचाया गया है।
हम नासिक के नागरिकों को सर्वोत्तम बुनियादी सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। विश्व बैंक से मिलने वाले फंड से जल वितरण प्रणाली और मल निकासी नेटवर्क को सक्षम किया जाएगा। चूंकि राज्य सरकार इस कर्ज की गारंटी ले रही है, इसलिए मनपा के खजाने पर इसका दबाव नहीं होगा।”
– नासिक महानगरपालिका आयुक्त, मनीषा खत्री
सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए प्राधिकरण ने सड़कों और पुलों के निर्माण हेतु पहले ही 1,500 करोड रुपये मंजूर किए है। गोदावरी नदी की स्वच्छता और ड्रेनेज सिस्टम के आधुनिकीकरण पर भी 1,500 करोड रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
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हालांकि, नियमानुसार मनपा को कूल खर्च का 25 प्रतिशत हिस्सा स्वयं वहन करना होता है। बजट में 425 करोड़ की व्यवस्था के बावजूद फंड कम पड़ने की संभावना थी, जिसे पूरा करने के लिए अब विश्व बैंक, म्यूनिसिपल बॉन्ड और अर्बन चैलेज फंड जैसे विकल्पों का सहारा लिया जा रहा है।






