प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik Chain Snatching: नासिक शहर के इंदिरानगर परिसर में पिछले कुछ दिनों से घरफोड़ी, चोरी, चेन स्नैचिंग और फर्जी पुलिस बनकर लूटपाट करने की घटनाओं में भारी वृद्धि हुई है। इससे स्थानीय नागरिकों में भय और आक्रोश का माहौल है।
विशेष रूप से, पिछले चार-पांच दिनों के भीतर लगातार तीन घरफोड़ी की घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें से दो प्रमुख वारदातों में अज्ञात चोरों ने लगभग 10 लाख 21 हजार रुपये के माल पर हाथ साफ कर दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पहली घटना में शिकायतकर्ता सुधीर गायकवाड दोपहर के समय काम से बाहर गए थे। इसी दौरान अज्ञात चोरों ने दिनदहाड़े उनके फ्लैट का ताला तोड़कर भीतर प्रवेश किया और सोने-चांदी के गहनों सहित 20 हजार रुपये नकद, कुल 5 लाख 9 हजार रुपये का माल चोरी कर लिया।
दूसरी घटना में शिकायतकर्ता महेश थोरात 11 से 13 फरवरी के बीच काम के सिलसिले में शहर से बाहर थे। इस दौरान चोरों ने उनके बंद बंगले को निशाना बनाया और सोने-चांदी के जेवरात व 2 लाख 60 हजार रुपये नकद संहित कुल 5 लाख 12 हजार रुपये की संपति पार कर दी।
इन दोनों मामलों में इंदिरानगर पुलिस स्टेशन में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालाकि, नागरिकों का आरोप है कि पुलिस का ‘क्राइम डिटेक्शन दस्ता केवल नाम के लिए रह गया है।
दिनदहाड़े घरफोड़ी और वरिष्ठ नागरिकों को निशाना बनाने की बढ़ती घटनाओं के बावजूद पुलिस किसी भी बड़े मामले को सुलझाने में विफल रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में नियमित गश्त और सीसीटीवी फुटेज का प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
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नागरिकों ने मांग की है कि इंदिरानगर पुलिस के जांच दस्ते में तत्काल बदलाव कर सक्रिय अधिकारियों की नियुक्ति की जाए। यदि पुलिस प्रशासन ने। जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए, ती नागरिकों का पुलिस पर से विश्वास पूरी तरह उठ जाएगा।