Taxi (सौ. Freepik)
Maharashtra Aggregator Policy For Ola Uber: राज्य सरकार की प्रस्तावित एग्रीगेटर नीति एक बार फिर टलती नजर आ रही है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा चार नई गाइडलाइंस जोड़ने के निर्देश के बाद ड्राफ्ट में संशोधन किया गया है।
परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार संशोधित प्रस्ताव अब फिर से विधि एवं न्याय विभाग को भेजा जाएगा, जिससे अंतिम मंजूरी में कुछ और सप्ताह लग सकते हैं। इस बार का संशोधन यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए अहम बदलाव लेकर आया है।
नए प्रावधान के तहत ओला और उबर जैसे ऐप आधारित टैक्सी प्लेटफॉर्म पर यात्री अब किराए से अलग स्वैच्छिक ‘ऑफिशियल टिप’ दे सकेंगे। विभिन्न विभागों से मंजूरी के बाद इसे चुनाव के पश्चात लागू किया जाना था, लेकिन नए संशोधनों ने प्रक्रिया को फिर पीछे धकेल दिया है।
विधि विभाग से स्वीकृति और परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक की अंतिम मंजूरी के बाद ही नीति लागू होगी। किराया संरचना वाहन श्रेणी के अनुसार तय की गई है और उसका पालन अनिवार्य होगा। कंफर्म बुकिंग ठुकराने पर ड्राइवर पर जुर्माना लगेगा, जिसकी राशि सीधे यात्री के खाते में जमा होगी।
सुरक्षा के लिहाज से रियल-टाइम ट्रैकिंग और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट सिस्टम अनिवार्य किए गए हैं। महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर या सह-यात्री चुनने का विकल्प मिलेगा। ड्राइवरों के लिए बैकग्राउंड वेरिफिकेशन, कैरेक्टर जांच और लाइसेंस नवीनीकरण के समय अधिकृत संस्थान से प्रशिक्षण अनिवार्य होगा।
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कंपनियां इस टिप पर कोई कमीशन नहीं काट सकेंगी। इसे ड्राइवरों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। कारपूलिंग सेवाओं में अब सभी यात्रियों के लिए अनिवार्य बीमा कवर लागू होगा। दुर्घटना की स्थिति में सह-यात्रियों को समान मुआवजा मिलेगा। विभाग ने दो अन्य प्रावधानों का उल्लेख किया है, जिनका खुलासा फिलहाल नहीं किया गया है। अप्रैल 2025 में जारी ड्राफ्ट नीति का उद्देश्य ऐप आधारित मोबिलिटी सेवाओं को नियमित ढांचे में लाना था।
मुंबई से नवभारत लाइव के लिए अभिषेक पाठक की रिपोर्ट