राजमाता जिजाऊ बस (सौजन्य-सोशल मीडिया)
New ST Bus Maharashtra: नागपुर में अगर राज्य में कहीं भी जाना हो, तो एसटी को एक सुरक्षित और कम खर्च वाला ऑप्शन माना जाता है। गांवों में एसटी की इसी नियोजन की वजह से एसटी आम लोगों के बीच प्रसिद्ध हो गई है। वहीं, एसटी को दिन-ब-दिन और भी बेहतर बनाया जा रहा है। महाराष्ट्र के शानदार इतिहास में आधुनिक जोड़ते हुए, महाराष्ट्र राज्य मार्ग परिवहन महामंडल ने यात्रियों को खुशखबरी दी है।
एसटी में जल्द ही नई बसें ‘राजमाता जिजाऊ’ शामिल होने वाली हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज पूरे महाराष्ट्र के देवता हैं। उनके स्वराज्य के संकल्पना के पीछे की प्रेरणा राजमाता जिजाऊ साहब हैं। इस मायने में, वे हिंदू स्वराज्य की मां हैं।
इसलिए, उनकी याद में परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने बताया ने एसटी की नई बसों का नाम ‘राजमाता जिजाऊ’ रखा गया है। पहले बसों को शिवनेरी, शिवशाही, शिवाई, हिरकणी, यशवंती जैसे नामों से सम्मानित किया गया है। लेकिन अब, उस परंपरा में एक और सम्मानजनक नाम जुड़ गया है।
‘राजमाता जिजाऊ’ नाम सिर्फ एक नाम नहीं है, बल्कि स्वराज्य की संस्कृति, मातृ शक्ति की प्रेरणा और यात्रियों के लिए एक प्रतीक है। जल्द ही, इतिहास के गवाह से सजी ये बसें आधुनिक सुविधाओं के साथ महाराष्ट्र की सड़कों पर चलेंगी।
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अभी की बसों में लगभग 40 यात्रियों के बैठने की जगह है, लेकिन नई बसों में 55 यात्री आराम से बैठ सकेंगे। इसका उद्देश्य है कि अब भीड़भाड़ वाले मार्ग पर 15 यात्री ज्यादा बैठ सकेंगे। इसलिए, एसटी का इरादा यह सेवा खास तौर पर दोनों शहरों के बीच भीड़भाड़ वाले मार्ग पर शुरू करने का है।