पिस्तूल तान कर दहशत फैलाने की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Pistol Aimed Threat: नासिक शहर के उपनगर इलाके में डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित जुलूस में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक मामूली टक्कर के विवाद ने जानलेवा हमले का रूप ले लिया। डीजे की धुन पर नाचने के दौरान हुए विवाद में एक युवक ने दूसरे पर पिस्तूल तान दी और सरेआम जान से मारने की धमकी दी। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
आगार टाकली निवासी सिद्धार्थ प्रकाश पगारे (26) 14 अप्रैल की रात जयंती जुलूस में शामिल हुए थे। रात करीब 11:30 बजे, जब वे डीजे पर नाच रहे थे, तब भीड़ में उनका धक्का अक्षय लोखंडे नाम के युवक से लग गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर महज एक संयोग थी, लेकिन अक्षय ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना लिया। उसने सिद्धार्थ को जातिसूचक गालियाँ दीं और ‘देख लेने’ की धमकी देकर वहाँ से चला गया।
विवाद यहीं खत्म नहीं हुआ। कुछ ही देर बाद अक्षय लोखंडे अपने एक साथी के साथ बाइक पर सवार होकर टाकली गाँव स्थित आंबेडकर प्रतिमा के पास पहुँचा। उसने सिद्धार्थ को बीच रास्ते में रोका और जेब से पिस्तूल निकालकर उनके माथे पर तान दी। अक्षय चिल्लाया रुक, अभी तेरा गेम ही तमाम करता हूँ। आरोप है कि उसने पिस्तूल का ट्रिगर भी दबाया, लेकिन खुशकिस्मती से गोली नहीं चली। सिद्धार्थ ने तुरंत फुर्ती दिखाते हुए नीचे झुककर अपनी जान बचाई। इसी दौरान अक्षय के साथी ने भी धारदार हथियार लहराते हुए भीड़ के बीच दहशत पैदा करने की कोशिश की।
इस घटना ने नासिक पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ महीने पहले इसी उपनगर इलाके में जाधव भाइयों की धारदार हथियारों से हत्या कर दी गई थी, जिसकी दहशत अभी कम भी नहीं हुई थी कि इस गोलीबारी के प्रयास ने लोगों को फिर डरा दिया है। नागरिकों का आरोप है कि इलाके में पुलिस गश्त की भारी कमी है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
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जानलेवा हमले से बचने के बाद सिद्धार्थ पगारे ने सीधे उपनगर पुलिस स्टेशन पहुँचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अक्षय लोखंडे और उसके साथी के खिलाफ जान से मारने की कोशिश और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे गुंडों को तत्काल गिरफ्तार कर कठोर सजा दी जाए ताकि सार्वजनिक सुरक्षा बनी रहे।