प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स: सोशल मीडिया)
Mumbai Goregaon Nesco Center Drug Case: मुंबई के गोरेगांव के नेस्को सेंटर (Nesco Center) में आयोजित लाइव कॉन्सर्ट के दौरान हुई दो छात्रों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस हाई-प्रोफाइल ड्रग्स मामले में वनराई पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने ड्रग सप्लाई सिंडिकेट से जुड़े सातवें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस अब उस मास्टरमाइंड के बेहद करीब पहुंच गई है, जो मुंबई की हाई-प्रोफाइल पार्टियों में जहर घोलने का काम कर रहा है।
मुंबई पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्रग्स को मुंबई के बाहर, विशेषकर कल्याण जैसे इलाकों से पोर्टर (Porter) और अन्य डिलीवरी माध्यमों से मुंबई लाया जाता था। गिरोह का मुख्य लक्ष्य बड़े इवेंट्स, लाइव कॉन्सर्ट और कॉलेज के छात्र होते थे।
सूत्रों के मुताबिक, 11 अप्रैल को हुए इस कॉन्सर्ट से ठीक एक दिन पहले, यानी 10 अप्रैल को भारी मात्रा में MDMA (Ecstasy) ड्रग्स की सप्लाई की गई थी। पुलिस का मानना है कि इसी ड्रग की ओवरडोज के कारण दो होनहार छात्रों की जान चली गई। गिरफ्तार किया गया सातवां आरोपी इसी सप्लाई चेन की एक अहम कड़ी है, जिसका काम इवेंट वेन्यू तक ड्रग्स सुरक्षित पहुंचाना था।
इतने बड़े लेवल के इवेंट में ड्रग्स का पहुंचना नेस्को सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वनराई पुलिस अब कॉन्सर्ट के आयोजकों, सुरक्षा कर्मियों और वहां मौजूद अन्य संदिग्धों के डिजिटल फुटप्रिंट्स खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गेट पर चेकिंग के बावजूद नशीले पदार्थ अंदर कैसे पहुंचे।
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पकड़े गए सातवें आरोपी को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस रिमांड के दौरान उससे इस सिंडिकेट के ‘किंगपिन’ के बारे में पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मुंबई और आसपास के इलाकों में फैला यह नेटवर्क काफी बड़ा है और आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदार नाम सामने आ सकते हैं।