मुंबई में शुरू होने जा रही है पेड़ों की गिनती, 8 साल बाद BMC का बड़ा अभियान, आधुनिक तकनीक से होगी गणना
BMC Tree Census: मुंबई में 8 साल बाद पेड़ों की गिनती (Tree Census) फिर से शुरू हो रही है। आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से होने वाली इस गणना में करीब 1.5 साल का समय लगेगा।
- Written By: आकाश मसने
मुंबई में होगी पेड़ों की गणना (सोर्स: AI)
Mumbai BMC Tree Census News: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में हरियाली की क्या स्थिति है? कंक्रीट के इस जंगल में कितने पेड़ बचे हैं? इन तमाम सवालों के जवाब जल्द ही मिलने वाले हैं। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) अगले सप्ताह से शहरव्यापी वृक्ष गणना (Tree Census) शुरू करने जा रही है। खास बात यह है कि यह गणना पूरे 8 साल के लंबे अंतराल के बाद आयोजित की जा रही है।
कोविड के कारण हुई देरी
नियमों के मुताबिक, मुंबई में वृक्षों की गणना हर पांच साल में की जानी चाहिए। पिछली गणना साल 2018 में पूरी हुई थी। इसके बाद 2023 में अगली गणना होनी थी, लेकिन अधिकारियों के अनुसार, कोविड-19 महामारी के कारण उत्पन्न हुई परिस्थितियों और लॉकडाउन की वजह से इस प्रक्रिया में देरी हुई। अब स्थिति सामान्य होने के बाद प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है।
आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञों का साथ हो गणना
बुधवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, इस बार की गणना केवल संख्या गिनने तक सीमित नहीं होगी। उद्यान अधीक्षक जितेंद्र परदेशी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को विशेषज्ञों की देखरेख में और आधुनिक तकनीक (जैसे GPS और GIS मैपिंग) की मदद से पूरा किया जाएगा। इसके लिए हाल ही में वीरमाता जीजाबाई भोसले वनस्पति उद्यान एवं चिड़ियाघर (भायखला ज़ू) में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें विशेषज्ञों को वैज्ञानिक तरीके से वृक्षों की छंटाई और उनकी सटीक गणना करने का प्रशिक्षण दिया गया।
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BMC Tree Census: पिछली गणना के आंकड़े
साल 2018 में हुई पिछली गणना में मुंबई में लगभग 33.7 लाख वृक्ष पाए गए थे। इसमें पश्चिमी उपनगर की आरे कॉलोनी (जो मुंबई का फेफड़ा कही जाती है) के पेड़ भी शामिल थे। जानकारों का मानना है कि पिछले 8 सालों में हुए शहरीकरण और विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के कारण इन आंकड़ों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
डेढ़ साल चलेगा BMC Tree Census अभियान
मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने स्पष्ट किया है कि यह एक विशाल और जटिल कार्य है। शहर के कोने-कोने में मौजूद पेड़ों की जानकारी जुटाने में लगभग 18 महीने (डेढ़ साल) का समय लगेगा। इस डेटा का उपयोग भविष्य में शहर के पर्यावरण नियोजन और नए पौधारोपण अभियानों के लिए किया जाएगा।
