Girish Mahajan:नासिक भाजपा (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Election: भारतीय जनता पार्टी के संकटमोचक माने जाने वाले मंत्री गिरीश महाजन ने नासिक के स्थानीय विधायकों की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला है। एक समाचार चैनल को दिए साक्षात्कार में महाजन ने कहा कि तीन बार विधायक बनने वाले जनप्रतिनिधियों में राजनीतिक परिपक्वता होनी चाहिए।
उन्होंने विधायक देवयानी फरांदे और सीमा हिरे का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कहा कि “मेरे निर्वाचन क्षेत्र में मुझे कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं चाहिए” या “मैं किसी को प्रवेश नहीं करने दूंगा” जैसी भूमिका लेना अपरिपक्वता का स्पष्ट उदाहरण है।
गिरीश महाजन ने स्वीकार किया कि शहर में आपसी गुटबाजी और आंतरिक कलह के कारण भाजपा के लगभग 20 उम्मीदवार चुनाव हार गए। चुनाव से पहले सुधाकर बडगुजर, शाहू खैरे, विनायक पांडे और यतीन वाघ जैसे अन्य दलों के नेताओं के पार्टी में प्रवेश को लेकर स्थानीय विधायकों ने कड़ा विरोध जताया था। विधायक देवयानी फरांदे पार्टी के इस निर्णय से इतनी आहत हुई थीं कि मीडिया के सामने उनके आंसू छलक पड़े थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि पार्टी के कुछ दलालों ने वरिष्ठ नेताओं को गलत जानकारी दी है।
चुनाव के दौरान एबी फॉर्म के वितरण में भी भारी अनियमितताएं सामने आईं। एक ही नेता के पास कई एबी फॉर्म होना और एक ही वार्ड में दो-दो उम्मीदवारों को आधिकारिक पत्र जारी होना जैसे गंभीर विवादों पर प्रतिक्रिया देते हुए महाजन ने कहा कि पार्टी व्यक्ति से बड़ी होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब पार्टी नेतृत्व कोई निर्णय ले ले, तो उसे स्वीकार करना ही राजनीतिक परिपक्वता का परिचायक है। नासिक में विधायकों की सार्वजनिक नाराजगी ने कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश पहुंचाया।
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पूरे घटनाक्रम और चुनावी हार की जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति एबी फॉर्म से जुड़ी अनियमितताओं और आधिकारिक उम्मीदवारों की हार के कारणों की जांच कर रही है। गिरीश महाजन ने चेतावनी दी है कि रिपोर्ट सामने आने के बाद अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ पार्टी सख्त कार्रवाई करेगी।
भाजपा महानगर अध्यक्ष सुनील केदार ने कहा कि मंत्री गिरीश महाजन का वक्तव्य अत्यंत विचारणीय है। संगठन व्यक्ति से श्रेष्ठ होता है, इसलिए पार्टी द्वारा लिए गए निर्णयों को सभी को स्वीकार करना चाहिए और दल के विस्तार के लिए मिलकर कार्य करना चाहिए।