Kirit Somaiya statement (सोर्सः सोशल मीडिया)
Nashik Municipal Corporation Probe: पूर्व सांसद Kirit Somaiya ने नासिक मनपा में वर्ष 2016 के बाद दर्ज किए गए लगभग 18 हजार जन्म प्रमाणपत्रों पर संदेह व्यक्त करते हुए मनपा स्वास्थ्य विभाग और पुलिस से गहन जांच की मांग की है। इस विषय पर संज्ञान लेते हुए महापौर Himagauri Adke ने कहा है कि आगामी आठ दिनों के भीतर जांच पूरी कर ली जाएगी।
सोमैया ने सोमवार को मनपा मुख्यालय में महापौर और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर कथित फर्जी जन्म प्रमाणपत्रों के संबंध में जानकारी ली। पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने सातपुर क्षेत्र की एक महिला, शेख सईदा शेख नूर के प्रमाणपत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि प्राथमिक जांच में यह दस्तावेज फर्जी पाया गया है और जल्द ही इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
उन्होंने आशंका जताई कि 1 जनवरी 2016 से जन्म पंजीकरण की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू होने के दौरान पुरानी प्रविष्टियों के डिजिटलीकरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं। सोमैया ने मालेगाव का हवाला देते हुए बताया कि वहां 3,977 प्रविष्टियां रद्द की गई हैं और 1,043 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में जन्म का वैध और ठोस प्रमाण दिए बिना अब कोई भी प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब पत्रकारों ने शेख हसिना की स्वदेश वापसी, मालेगांव में बांग्लादेशी नागरिकों की कथित अनुपस्थिति और केंद्र में भाजपा सरकार होने के बावजूद घुसपैठ जैसे तीखे सवाल किए, तो किरीट सोमैया पत्रकारों से ही उलझ पड़े। उन्होंने पत्रकारों पर “विशिष्ट एजेंडा” चलाने का आरोप लगाया। बहस इतनी बढ़ गई कि सोमैया को बीच में ही प्रेस कॉन्फ्रेंस समाप्त करनी पड़ी। हालांकि, उन्होंने यह कहते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की कि भारत में शरण देना और अवैध घुसपैठ करना दो अलग-अलग विषय हैं।